भोपाल। मानसून द्रोणिका अभी हिमालय की तलहटी में पहुंच गई है, लेकिन अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश में शिथिल पड़ा मानसून एक बार फिर सक्रिय होने लगा है। इस वजह से प्रदेश में विभिन्न जिलों में छिटपुट बौछारें पड़ने लगी हैं।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बुधवार-गुरुवार को रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में बारिश होने की संभावना है। भोपाल संभाग में भी कहीं-कहीं छिटपुट वर्षा हो सकती है। उधर बुधवार को सुबह जबलपुर में 17.2, सिवनी में चार, उज्जैन में 0.6, धार एवं भोपाल में 0.3, इंदौर में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई।
बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना
मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी एसएन साहू के मुताबिक वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बन गया है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात मौजूद है। पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। हालांकि मानसून द्रोणिका अभी भी हिमालय की तलहटी में है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज होंगी
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में मौजूद चक्रवात के शुक्रवार को कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से गुरुवार से पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज होने लगेंगी।
यहां शुरू होगा बारिश का सिलसिला
रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में वर्षा का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसके अलावा भोपाल एवं ग्वालियर संभाग के जिलों में भी गरज-चमक के साथ छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। उधर 24 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक अन्य चक्रवात के बनने की भी संभावना है। इस वजह से प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा होने का सिलसिला अभी बना रह सकता है।











