इससे पहले बुधवार सुबह ईडी ने अजहरुद्दीन को नोटिस जारी कर पेश होने को कहा है। अजहर के खिलाफ हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े 20 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के एक मामले में जांच की जा रही है।
इसी मामले में कुछ दिन पहले ईडी ने तेलंगाना में 9 अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारा था। आरोप है कि राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए डीजी सेट, अग्निशमन प्रणाली और छतरियों की खरीद में अनियमितताएं की गई हैं।
तब छापेमारी में मिले थे 10.39 लाख की बेहिसाब नकदी
- इस केस की शुरुआत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से होती है। ब्यूरो ने मामले में तीन एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद ईडी को जांच सौंपी गई, जिसने नवंबर 2023 में छापेमार की। मामला हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के 20 करोड़ रुपये के धन के आपराधिक दुरुपयोग से जुड़ा है।
- तब ईडी ने हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारियों गद्दाम विनोद, शिवलाल यादव और अरशद अयूब के ठिकानों पर छापे मारे थे। यहां से कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेज के साथ ही 10.39 लाख रुपये भी जब्त हुए थे। यह पैसा कहां से आया, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं था।
- तब ईडी ने जानकारी दी थी कि गद्दाम विनोद की एक प्रॉपर्टी का उपयोग उसके भाई और राजनेता गद्दाम विवेकानंद के स्वामित्व और नियंत्रण वाली कई कंपनियों के कार्यालय के रूप में किया जा रहा था। जांच आगे बढ़ाते हुए अब पूर्व क्रिकेटर को तलब किया गया है।
राजनीति की पिच पर बोल्ड हो गए थे अजहर
अजहरुद्दीन ने 2023 में तेलंगाना विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस की लहर में भी बहार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस ने अजहरुद्दीन को हैदराबाद की जुबली हिल्स सीट से प्रत्याशी बनाया था, लेकिन बीआरएस विधायक मंगती गोपीनाथ ने 16,337 वोट से माद दे दी थी।











