लोकसभा में वक्फ संबंधी बिल पास होने के बाद सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में कल जो हरकत की है, क्या वह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को दिखाई नहीं दिया कि संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं और सदन में बिल की कॉपी को फाड़ा गया। उन्होंने कहा कि जो बिल पास हुआ है वह किसी कौम के विरोध में नहीं है बल्कि उस वर्ग के गरीब लोगों को संरक्षण देने का सार्थक और सकारात्मक प्रयास है।
मीडिया से चर्चा में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सबकी संपत्ति का विवाद कोर्ट में जा सकता है लेकिन वक्फ बोर्ड का विवाद कोर्ट में नहीं जाएगा। कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के अधिकार, कर्तव्य और सीमाएं हैं। ऐसा क्यों हो, इसलिए यह बिल जो लोकसभा में पारित हुआ है, वह किसी कौम या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में बदलाव का यह सार्थक और अच्छा प्रयास है।
सारंग ने कहा कि ओवैसी ने कल जो हरकत की क्या वह संवैधानिक है। क्या वे यह मानते हैं कि यह पाकिस्तान है? उन्होंने कहा कि यह देश कायदे कानून व्यवस्था और परंपराओं से चलेगा। यह सदन कोई मछली घर नहीं हैं। ओवैसी का बिल फाड़ देना क्या प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को दिखाई नहीं देता कि संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अपनी कुंठा दिखाने और राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए बिल फाड़ा गया है। ऐसे लोग विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इनकी राजनीति बंद हो रही है।
भाजपा मुसलमान के विरोध की बात नहीं करती बल्कि गरीब मुसलमानों को संरक्षण देने का काम करती है, इससे यह सुनिश्चित हुआ है। यह कौम के गरीब को संरक्षण देने वाला कानून है। जिस प्रकार से हजारों मुसलमान महिलाओं, पुरुषों ने बिल के समर्थन में नारे लगाए हैं और पीएम नरेंद्र मोदी को समर्थन दिया है, उससे यह साफ है कि बिल कौम के समर्थन में है उसके खिलाफ नहीं है। सारंग ने यह भी कहा कि जो इसका विरोध कर रहे हैं वे तुष्टिकरण की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहते हैं। यदि न्यायपालिका को किसी एक तुष्टिकरण की राजनीति के लिए अलग कर देंगे तो यह सही नहीं है।