9 साल पहले की बात है। करियर में सफलता की ऊंचाई छूने वाले Pawan Singh ने घर बसाने का फैसला किया। 1 दिसंबर 2014 को वो धूमधाम से अपनी बारात नीलम सिंह के घर लेकर गए। वेडिंग सेरेमनी में फैमिली मेंबर्स, फ्रेंड्स, रिश्तेदार और भोजपुरी इंडस्ट्री के कई जाने-माने नाम शामिल हुए थे।
मौत से पहले नीलम के साथ क्या हुआ था?
आपको शायद ही मालूम होगा कि नीलम सिंह, पवन सिंह के बड़े भाई की साली थीं। यानी भाभी की बहन। घर में दो बहनें ही जेठानी-देवरानी बनकर आईं। तब नीलम 21 साल की थीं और बीए कर रही थीं। जिस समय नीलम ने ये कदम उठाया था, उससे करीब 6 दिन पहले वो एग्जाम देने के लिए मुंबई से आरा गई थीं। एग्जाम देने के बाद वो 3 मार्च को पति पवन के साथ मुंबई वापस चली गई थीं। 5 दिन बाद 8 मार्च को नीलम ने मुंबई में फ्लैट में अपनी जिंदगी को खत्म करने का फैसला ले लिया। उनकी डेडबॉडी सबसे पहले उनकी बहन ने देखी थी। उन्होंने ही बाद में खुलासा किया था कि काम की वजह से पवन हमेशा बिजी रहते थे और नीलम को वक्त नहीं देते थे। इस कारण नीलम टेंशन में रहती थी।
'भगवान हर इंसान के जीवन में हर खुशी नहीं देते हैं'
पवन सिंह हमेशा नीलम को याद करते हैं। जिस दिन नीलम ने दुनिया को अलविदा कहा था, उस दिन वो सोशल मीडिया पर अपनी पहली बीवी के लिए पोस्ट करते हैं। उन्हें याद करते हैं। साल 2021 में उन्होंने नीलम की फोटो शेयर की थी और भावुक नोट लिखा था, 'मेरे जीवन कि सबसे बड़ी क्षति... भगवान हर इंसान के जीवन मे हर खुशी नहीं देते हैं पर आप मेरे जीवन मे थीं हैं और आजीवन रहेंगी। ईश्वर आपको अपने श्री चरणों मे जगह दें।'
3 साल बाद पवन सिंह ने की नई शुरुआत
नीलम की मौत के 3 साल बाद पवन सिंह ने जिंदगी की फिर से नई शुरुआत की। उन्होंने साल 2018 में बलिया में ज्योति सिंह से शादी की। दोनों की शादीशुदा जिंदगी शुरुआत में तो अच्छी रही, लेकिन बाद में इनके रिश्ते में खटास आ गई। 5 साल बाद ज्योति ने तलाक की अर्जी दी।
पवन सिंह ऐसे बने थे 'पावर स्टार'
पवन सिंह का जन्म 5 जनवरी 1986 को आरा, बिहार के पास जोकहरी गांव में हुआ था। उन्होंने अपने चाचा अजीत सिंह से सिंगिंग सीखी। वो 12वीं तक पढ़े हैं। उन्होंने कम उम्र में ही गाना शुरू कर दिया था और अपनी मेहनत के दम पर सफलता का मुकाम हासिल किया। उन्हें फैंस प्यार से 'पावर स्टार' भी कहते हैं। पवन ने बचपन से ही स्टेज पर गाना और शो करना शुरू कर दिया था। उन्होंने भोजपुरी भाषा के पॉप एल्बम में काम किया।
इस गाने से मिली थी सफलता
पवन सिंह का पहला एल्बम 'ओढ़निया' साल 1997 में रिलीज हुआ था। फिर साल 2004 में उन्होंने 'रंगली चुनरिया तोहरे नाम' से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। फिर साल 2008 में 'लॉलीपॉप लागेलू' एल्बम रिलीज किया और ये देखते ही देखते पूरे देश में फेमस हो गया। इतने साल बीत जाने के बाद भी ये सॉन्ग लोगों की जुबां पर रहता है। इसी गाने ने पवन को घर-घर में फेमस कर दिया था।











