भोपाल । शहर में रविवार को नवरात्र पर्व में अष्टमी पर मंदिरों, घरों और सजी झांकियों में हवन, कन्या पूजन-भोज के आयोजन किए गए। सोमवार को महानवमी पूर्ण श्रद्धाभाव से मनाई जा रही है। उपवास रख मां दुर्गा के पावन चरणों में पूजा-अर्चना करने वाले साधकों की सुबह से ही मंदिरों में भीड़ उमड़ने लगी है।। मां दुर्गा के दर्शन करने और उन्हें हलवा, पूरी, चने का भोग लगाने के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिरों में पहुंच रहे हैं। मंदिरों के अलावा घर और सजे पंडालों में भी कन्या पूजन (कंजक पूजन) का सिलसिला शुरू हो गया है। प्राचीन काल से मान्यता चल रही है कि जो साधक नवरात्र का व्रत कर अष्टमी या नवमी के दिन कन्याओं की पूजा कर उन्हें श्रद्धा पूर्वक भोजन करवाते हैं, उन पर मां भगवती की कृपा बरसती हैं व मातारानी उनकी पूजा-अर्चना, उपवास को सफल बनाती हैं। शहर के काली मंदिर, माता मंदिर, कफ्र्यू वाली माता का मंदिर, रायसेन रोड कंकाली मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भक्तों का तांता लगा है।
महानवमी पर कन्या पूजन का महत्व
पंडित विनोद गौतम ने बताया कि नवरात्र पर्व का नौवां दिन महानवमी आज सोमवार को मनाया जा रहा है। नवमी तिथि के दिन कन्या पूजन किया जाता है। इस दिन कन्याओं को देवी का स्वरुप मानकर पूजा की जाती है। नवमी तिथि के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। कहते हैं नवमी तिथि के दिन कन्याओं का पूजन करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। देवी मंदिरों में कन्याभोज व भंडारे होंगे।
श्रवण नक्षत्र के साथ गजकेसरी योग
महानवमी तिथि का आरंभ 22 अक्टूबर को रात में आठ बजे से हो गया है। 23 अक्टूबर को उदया तिथि में नवमी तिथि होने से महानवमी का कन्या पूजन सोमवार 23 अक्टूबर को होगा। 23 अक्टूबर के दिन शाम में 5:45 मिनट तक नवमी तिथि रहेगी। इस दिन श्रवण नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। साथ ही चंद्रमा का संचार मकर राशि में होगा और गुरु मेष राशि में रहेंगे, जिससे गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है।
कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
23 अक्टूबर को सुबह 06:26 से लेकर 7:15 तक अमृत योग में कन्या पूजन करना शुभ रहेगा। इसके बाद सुबह 09:16 से लेकर 10:40 तक शुभ योग में आप कन्या पूजन कर सकते हैं।
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