डबल इंजन सरकार: समझिए कैसे मिलकर काम करते हैं केंद्र और राज्य
- सरकार का जोर पूंजीगत निवेश बढ़ाकर अधोसंरचना विकास को गति देने का है।
- इससे आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं।
- इसके लिए राशि की व्यवस्था केंद्र और राज्य सरकार, मिलकर करते हैं।
- राज्य सरकार स्वयं के संसाधनों के अलावा केंद्रीय करों से राशि हासिल करती है।
- केंद्र सरकार GST सहित अन्य करों के माध्यम से राज्य को आर्थिक मदद देता है।
- मध्य प्रदेश को इस वर्ष केंद्र से 97 हजार 907 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है।
क्या है मोदी सरकार की विशेष केंद्रीय सहायता योजना
इसी तरह केंद्रीय सहायता अनुदान भी 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक का होगा। यह राशि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मिलती है। विशेष केंद्रीय सहायता योजना के तहत 10 हजार 910 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे गए थे। 4, 318 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। बजट में इस योजना अंतर्गत राशि को एक लाख 30 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर एक लाख 50 हजार करोड़ रुपये किया गया है। इसके अनुसार प्रदेश को 11,700 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
मध्य प्रदेश को किस कर से कितनी राशि मिलेगी
| टैक्स | राशि (करोड़ रुपए) |
| आयकर | 33,859/- |
| कॉरपोरेशन टैक्स | 29,399/- |
| जीएसटी | 29,249/- |
| कस्टम | 4,322/- |
| एक्साइज ड्यूटी | 911/- |
| सर्विस टैक्स | 3.22/- |
| अन्य कर | 160/- |
| कुल | 97,986/- |











