इंदौर। लंदन के डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल ने गांधीनगर में गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन की राजधानी, मध्य प्रदेश के इंदौर से जनभागीदारी सीख सकती है। सबसे साफ शहरों को लेकर केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर लगातार छह साल से शीर्ष पर बना हुआ है।
इंदौर में पैदा हुए और करीब दो दशक पहले लंदन चले गए अग्रवाल ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे में निवेश जारी रखने और लोगों को अपनी कारों के बजाय उनका इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह लोगों की भागीदारी थी, जिसने इंदौर को भारत का सबसे स्वच्छ शहर बनने में मदद की। लोगों की मानसिकता बदलने में समय लगता है लेकिन, यह अभूतपूर्व था कि इतने कम समय में पूरी आबादी की मानसिकता कैसे बदल गई।
लंदन के डिप्टी मेयर बोले- लोग हाथ मिला लें तो हम कुछ भी हासिल करना संभव
उन्होंने कहा कि इंदौर का मामला साबित करता है कि अगर लोग कुछ बदलने के लिए हाथ मिला लें तो हम कुछ भी हासिल कर सकते हैं। अग्रवाल ने कहा कि लंदन निश्चित रूप से सीख सकता है कि जनभागीदारी के माध्यम से लक्ष्य कैसे हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों को चौड़ा करना शहरों में ट्रैफिक जाम का समाधान नहीं है। क्योंकि इसकी एक सीमा है। सड़कों को चौड़ा करने के बजाय, हमें सड़कों पर कारों की संख्या कम करने की ज़रूरत है।
उन्होंने ट्रैफिक कम करने के लिए ट्रेन नेटवर्क की भूमिका का भी जिक्र किया। अग्रवाल ने कहा कि वह चाहते हैं कि अधिक से अधिक भारतीय कंपनियां लंदन आएं और वैश्विक विस्तार के लिए शहर को अपने आधार के रूप में इस्तेमाल करें।











