भोपाल के रवींद्र भवन में लोकरंग का शुभारंभ:सांस्कृतिक रंगों से सजा मंच

भोपाल के रवींद्र भवन में लोकरंग का शुभारंभ:सांस्कृतिक रंगों से सजा मंच

भोपाल के रवीन्द्र भवन परिसर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर रविवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 40वें लोकोत्सव 'लोकरंग' का शुभारंभ किया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि, हमारे प्रदेश की संस्कृति बहुत समृद्ध है और इसे संरक्षित रखने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। मोदी जी की सरकार के कार्यकाल में प्रदेश सरकार ने आध्यात्मिकता और संस्कृति के पुनर्जागरण के लिए विशेष कदम उठाए हैं। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे बच्चे और युवा पीढ़ी हमारी संस्कृति से हमेशा जुड़ी रहे।

संस्कृति विभाग की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से लोकरंग का आयोजन किया जा रहा है। जो 26 से 30 जनवरी तक चलेगा। कार्यक्रम में बॉलीवुड और थिएटर कलाकार मुकेश तिवारी भी शामिल हुए।

राज्यपाल ने कलाकारों से की बातचीत

राज्यपाल ने पौराणिक वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और द्वार पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करने वाले कलाकारों से बातचीत की। इस अवसर पर राज्यपाल ने पुरस्कार वितरण भी किया। प्रथम पुरस्कार केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को प्रदान किया गया, जबकि दूसरा पुरस्कार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को और तीसरा पुरस्कार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को मिला।

रानी दुर्गावती के जीवन पर आधारित नृत्य-नाट्य की प्रस्तुति

कार्यक्रम के दौरान गोंड साम्राज्य की रानी दुर्गावती के जीवन पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया गया। इस नाटक में पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और विभिन्न जनजातियों की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिली।

संचालक संस्कृति एन.पी नामदेव ने बताया कि, समारोह के पहले दिन 26 जनवरी को शुभारंभ अवसर पर वीरांगना रानी दुर्गावती नृत्य-नाट्य की प्रस्तुति की गई। 27 से 29 जनवरी दोपहर 2 बजे से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन एवं प्रदर्शन भी किया जाएगा। समारोह पारम्परिक नृत्य, गायन-वादन, शिल्प और व्यंजन मेला केन्द्रित होगा।

दर्शकों ने देखी पराक्रम और प्रेम की कहानी

कार्यक्रम में रानी दुर्गावती के जीवन पर आधारित नृत्य और नाटक का मंचन किया गया। नाटक की शुरुआत में रानी दुर्गावती के माता दुर्गा के आशीर्वाद से जन्म लेने की कथा को दर्शाया गया। नाटक में दिखाया गया कि रानी दुर्गावती हर प्रकार के शस्त्र चलाने में निपुण थीं और उन्होंने अपने साहस और कौशल से हर किसी को प्रभावित किया।

कार्यक्रम में रानी दुर्गावती और गुना राज्य के राजकुमार दलपत शाह की प्रेम कहानी भी दिखाई गई। नाटक के अनुसार, गौड़ साम्राज्य में शेर के आतंक मचाने पर रानी दुर्गावती शिकार करने जंगल गईं, जहां उनकी मुलाकात दलपत शाह से हुई। इस दृश्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

नाटक में जाति प्रथा के खिलाफ रानी दुर्गावती के विचार भी प्रस्तुत किए गए। उनके स्वयंवर के दौरान उन्होंने सामंत राजाओं को ठुकराकर दलपत शाह को अपना जीवनसाथी चुना। राजा दलपत शाह की बीमारी और उनके निधन के बाद रानी दुर्गावती ने बड़ी ही वीरता और कुशलता के साथ राज्य का संचालन किया। मालवा और अन्य राज्यों के आक्रमण के समय रानी दुर्गावती ने अपने पराक्रम से गज पर सवार होकर अपनी सेना के साथ बड़ी शांति और चतुरता से राज्य की रक्षा की।

नाटक में यह भी दिखाया गया कि जब समाज ने सती होने का दबाव डाला, तब रानी दुर्गावती ने इसे नकारते हुए अपने राज्य और प्रजा के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाया। उनकी वीरगाथा ने दर्शकों को प्रेरणा और गर्व से भर दिया।

300 से अधिक वाद्ययंत्रों की प्रदर्शनी

इस समारोह में 300 से अधिक शास्त्रीय, लोक और जनजातीय पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। 27 जनवरी को "लोकरंग" के चालीस वर्षों की यात्रा को चालीस वाद्यों की संगति में नाद समन्वित प्रस्तुति के रूप में दर्शाया जाएगा, जिसका निर्देशन प्रसिद्ध सितार वादिका स्मिता नागदेव करेंगी।

इसके साथ ही, लोकवार्ता में संस्कृति विभाग द्वारा "परंपरा में वाद्य" विषय पर संगोष्ठी का आयोजन भी किया जाएगा। समारोह के अंतिम दिन, 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर माधवास रॉक बैंड, वृंदावन से भक्ति संगीत की प्रस्तुति होगी।

कार्यक्रम में रोजाना विशेष लोक गायन की प्रस्तुतियां

27 जनवरी को बघेली लोक गायन, 28 जनवरी को बुंदेली लोक गायन, और 29 जनवरी को मालवी एवं निमाड़ी लोक गायन की प्रस्तुति होगी। इसके साथ ही, 27 से 29 जनवरी तक शाम 6 बजे से 'देशराग' कार्यक्रम के तहत विभिन्न कलाकारों की प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएगी।

  • 27 जनवरी को जितेंद्र चौरसिया एवं साथी, महोबा द्वारा आल्हा गायन।
  • 28 जनवरी को जस्सु मांगणियार एवं साथी, जयपुर द्वारा मांगणियार लोक गायन।
  • 29 जनवरी को सुश्री रश्मि प्रिया झा एवं साथी, मुंबई द्वारा मैथिली लोक गायन की प्रस्तुति दी जाएगी।

Advertisement