दिव्या को इसलिए बनाया गया आरोपी
- दिव्या को आरोपी बनाए जाने की मुख्य वजह यह संदेह है कि सौरभ के कारनामों की जानकारी दिव्या को भी रही होगी। दूसरा यह कि सौरभ ने दिव्या के नाम काफी संपत्ति बनाई थी।
- अविरल एंटरप्राइजेज, शुभ्रा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड और स्काईलार्क प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में दिव्या शर्मा संचालक है। उन्होंने यह संपत्ति कैसे खरीदी इसकी जानकारी पुलिस से पूछताछ में वह नहीं बता पाईं।
- लोकायुक्त पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि चालान प्रस्तुत करने के पहले कुछ और आरोपियों के नाम जोड़े जाएंगे। जरूरत के मुताबिक, इसके बयान लिए जाएंगे और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
सौरभ शर्मा के भ्रष्टाचार की अब तक की कहानी
लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा और उसके करीबी चेतन सिंह गौर के भोपाल स्थित आवास पर 18 दिसंबर 2024 को छापा मारा था। छापे में दोनों स्थानों से नकद राशि, चांदी की सिल्लियां सहित आठ करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का पता चला था।
छापे के अगले दिन भोपाल के मेंडोरी गांव में मिली कार में 52 किलो सोना 11 करोड़ रुपये नकद मिले थे। यह कार चेतन सिंह गौर के नाम है पर इसका उपयोग सौरभ और उसके कार्यालय के लोग कर रहे थे। इस कारण जांच एजेंसी यह संपत्ति भी सौरभ की आय में जोड़ने की तैयारी कर रही है।











