ये रफ्तार की सनक है
पुणे की घटना तो याद होगी
इससे पहले जुलाई में ही एक तेज रफ्तार ऑडी कार ने दो ऑटोरिक्शा वालों को टक्कर मार दी थी। इससे पहले वर्ली इलाके में बीएमडब्लू कार ने एक स्कूटी को टक्कर मार दी थी। घटना में स्कूटी पर सवार महिला की मौत हो गई थी। इस घटना में शिवसेना के एक नेता के बेटे का नाम आया था। जून के महीने में राजस्थान के उदयपुर में तेज रफ्तार ऑडी कार ने सड़क पर कई दोपहिया वाहनों और एक ठेले में जोरदार टक्कर मार दी दी। जबकी मई महीने में ही दिल्ली से सटे नोएडा में एक सफेद रंग की ऑडी कार एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान ले ली थी। इसी तरह फरवरी में दिल्ली में भी ऑडी की टक्कर से एक साइकिल सवार की जान चली गई थी।
लग्जरी वाहनों की तेज रफ्तार
पिछले साल अगस्त में हरियाणा के नूंह में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक पेट्रोल टैंकर से रोल्स रॉयस फैंटम की टक्कर हुई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि ट्रक गलत दिशा से जा रहा था और कार की स्पीड करीब 230 किमी प्रति घंटा थी। लक्जरी कारों से सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या के बारे में सड़क सुरक्षा एडवोकेट और एनजीओ ‘सेव लाइफ फाउंडेशन’ के संस्थापक पीयूष तिवारी ने कहा कि यह समस्या देश में त्रुटिपूर्ण लाइसेंसिंग प्रणाली के कारण उत्पन्न हो रही है।











