इंदौर। भाजपा द्वारा विधानसभा चुनाव की पहली सूची घोषित करने के बाद कांग्रेस में भी टिकट की टकटकी बढ़ गई है। चुनाव की हलचल बढ़ने के साथ ही कई दावेदारों ने मैदान भी संभाल लिया है, मगर वास्तविकता यह है कि प्रदेश संगठन के पास इतनी ज्यादा संख्या में दावेदारों के नाम पहुंच गए हैं कि अब तक पैनल नहीं बन सके हैं।
प्रदेश कांग्रेस संगठन ने गत दिनों भोपाल में प्रत्याशी चयन के लिए कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में कमेटी के प्रमुख जितेंद्र सिंह, सदस्य अजय कुमार लल्लू के साथ प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला भी शामिल थे। बैठक में सभी जिला व शहर कांग्रेस इकाइयों के अध्यक्ष और जिला प्रभारियों को बुलाया गया था।
इनसे सीलबंद लिफाफे में दावेदारों के नाम, दावेदारी का आधार, जाति-उप जाति आदि की जानकारी मांगी गई थी। सभी से प्रत्याशियों के बारे में संवाद भी किया गया था। इसके बाद ब्लाक अध्यक्ष, सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक करके उनका पक्ष लिया गया था। अब तक विधानसभावार नामों के पैनल तय नहीं हो सके हैं। फिलहाल दावेदारों की स्क्रूटनी की प्रक्रिया चल रही है।
सूत्रों के अनुसार, इंदौर में सबसे ज्यादा खींचतान विधानसभा चार और पांच को लेकर है। सबसे पहले उन सीटों की सूची जारी होगी, जहां सिंगल नाम हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग प्रमुख केके मिश्रा ने बताया कि प्रदेशभर से आए नेताओं के साथ सक्रीनिंग कमेटी ने संवाद किया था। बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी स्क्रूटनी की जाएगी।
इसके बाद नामों के पैनल बनेंगे। सभी जिला अध्यक्ष और प्रभारियों की रिपोर्ट और पार्टी द्वारा कराए तीन सर्वे की रिपोर्ट से मिलान के बाद जो नाम सामने आएंगे, उन्हें दिल्ली में सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के सामने रखा जाएगा।











