इस कालोनी में सेवाराम नामक किसान की जमीन भी शामिल थी। किसान की वर्ष 2005 में ही मृत्यु हो गई थी। फिनिक्स के डायरेक्टरों ने विकास अनुमति के लिए वर्ष 2009 में आवेदन प्रस्तुत किया था। इस पर उन सभी किसानों के हस्ताक्षर थे, जिनकी जमीन फिनिक्स में शामिल थी। आवेदन पर सेवाराम के नाम से हस्ताक्षर किए गए थे, जबकि उनकी मृत्यु वर्ष 2005 में हो चुकी थी। इसी आवेदन के आधार पर 23 मार्च 2009 को विकास अनुमति भी जारी हो गई थी।
जमीन देने के संबंध में शपथ पत्र भी बनाया
शिकायतकर्ता ने कमेटी को बताया कि सेवाराम नामक सहित कई किसानों के हस्ताक्षर से पहले विकास अनुमति प्राप्त की गई। कंपनी ने इन किसानों के साथ जमीन देने के संबंध में शपथ पत्र भी बनाया था। इस पर सेवाराम का नाम भी था।











