अदालत ने इस बात को लेकर सवाल किया कि पोस्टमॉर्टम के लिए डेडबॉडी सौंपने के वक्त का दस्तावेज कहां है? चालान का कोई जिक्र नहीं है। सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि चालान उनके रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि उन्हें तत्काल दस्तावेज नहीं मिल पाया है और वह इस बारे में बाद में अदालत को बताएंगे। इस पर सीबीआई और पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा गया।
कोलकाता रेप-मर्डर केस: ड्यूटी की कीमत पर प्रदर्शन नहीं वरना.... हड़ताली डॉक्टरों को सुप्रीम कोर्ट का अल्टीमेटम
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर कहा कि ड्यूटी की कीमत पर प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है। अदालत कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के रेप और मर्डर मामले की सुनवाई कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में कोलकाता पुलिस की ओर से केस दर्ज करने में हुई 14 घंटे की देरी पर चिंता भी जताई। कोर्ट ने कहा कि जो डॉक्टर हड़ताल पर हैं, वे मंगलवार शाम तक काम पर लौट जाएं। काम पर लौटने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने कहा, 'अगर आप (हड़ताल करने वाले डॉक्टर) काम पर नहीं लौटते हैं, तो फिर आपके खिलाफ होने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। ड्यूटी को छोड़कर प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है।'
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह CISF के साथ संपर्क कायम करे। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में तैनात उसके कर्मियों के लिए ठहरने की सुविधा और जरूरी सुरक्षा उपकरणों को मुहैया करवाए। शीर्ष अदालत ने केंद्र की इस बात पर गौर किया कि CISF की एक कंपनी को आरजी कर कॉलेज में आरएमए क्वॉर्टर, कोलकाता नगर निगम के एक स्कूल और इंदिरा मातृ सदन में ठहराया गया है। हालांकि, बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दावा किया कि बल ने जो भी सुविधाएं मांगी थीं, वे उन्हें दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अधिकातर कर्मी अस्पताल परिसर में रह रहे हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में जन आक्रोश को लेकर केंद्र साजिश रच रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसमें कुछ वामपंथी दल भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता के माता-पिता को कभी पैसों की पेशकश नहीं की। वहीं, बीजेपी ने आरोप लगाया है कि भारत के लोकतंत्र का सिर शर्म से झुक गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।











