बॉलीवुड एक्ट्रेस और हिमाचल की मंडी सीट से सांसद कंगना रनोट ने जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर पलटवार किया है। हाल ही में शंकराचार्य ने महाराष्ट्र के CM एकनाथ शिंदे को गद्दार और विश्वासघाती कहा था। इस पर अब कंगना ने कहा है कि ऐसी छोटी और ओछी बातें शंकराचार्य को शोभा नहीं देतीं।
शंकराचार्य ने उद्धव ठाकरे के निवास पर दिया था बयान
15 जुलाई को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा था कि उद्धव ठाकरे के साथ विश्वासघात हुआ है और इस बात को महाराष्ट्र की जनता जानती है। जो लोग विश्वासघात करते हैं, वे हिंदू नहीं हो सकते।
अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पर रिएक्शन...
पूर्व कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम ने 15 जुलाई को कहा था- उद्धव ठाकरे या देवेंद्र फडणवीस, किसके साथ विश्वासघात हुआ, इसका फैसला महाराष्ट्र की जनता करेगी। हिन्दुत्व के साथ विश्वासघात करने पर क्या कहा जाएगा? जिन्होंने बाला साहेब ठाकरे की विचारधारा के साथ विश्वासघात किया हो, उस पर क्या कहा जाएगा।
शिवसेना नेता संजय निरूपम ने 16 जुलाई को कहा था- मैं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से कहना चाहता हूं कि आप धर्म और अध्यात्म पर बोलते हैं और हमारा मार्गदर्शन करते हैं। आप हमारे धार्मिक गुरु हैं लेकिन राजनीति पर मत बोलिए। यह आपका क्षेत्र नहीं हैं।
4 पॉइंट में समझें महाराष्ट्र की राजनीति में बगावत की कहानी...
- महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 2019 में चुनाव हुए थे। बीजेपी 106 विधायकों के साथ राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी। मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और बीजेपी गठबंधन में बात नहीं बन पाई।
- 56 विधायकों वाली शिवसेना ने 44 विधायकों वाली कांग्रेस और 53 विधायकों वाली NCP के साथ मिलकर महाविकास अघाड़ी बनाकर सरकार बनाई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने।
- मई 2022 महाराष्ट्र सरकार में नगर विकास मंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने 39 विधायकों के साथ बगावत कर दी। वह बीजेपी के साथ मिल गए। 30 जून 2022 को एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के 20वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। इसके साथ ही शिवसेना पार्टी दो गुटों में बंट गई। एक धड़ा शिंदे गुट और दूसरा उद्धव गुट का बना।
- 17 फरवरी, 2023 को चुनाव आयोग ने आदेश दिया कि पार्टी का नाम 'शिवसेना' और पार्टी का चुनाव चिह्न 'धनुष और तीर' एकनाथ शिंदे गुट के पास रहेगा।











