शहर के रेडिसन ब्लू होटल में शहर महिला कांग्रेस द्वारा ‘महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव की अहमियत’ विषय पर संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों से महिलाओं ने हिस्सेदारी की। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और दिग्विजय सिंह ने महिलाओं के प्रश्नों का जवाब भी दिया और भाजपा पर निशाना भी साधा। मप्र में महिला मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 60 लाख 23 हजार 733 हैं1
जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 79 लाख 62 हजार 711 है। स्पष्ट है कि आधी आबादी का नई सरकार चुनने में दखल भी बराबरी का रहेगा। नाथ ने कहा- सिर्फ नारे लगाकर महिलाएं लाड़ली या बहना नहीं होंगी। महिला अपराध के सिर्फ 10 फीसद केस ही सामने आते हैं। सोचिए यदि शेष 90 फीसद केस भी सामने आ जाएं तो क्या स्थिति होगी। भाजपा को चुनाव के समय ही महिलाओं की याद आती है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा- महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन के साथ ही न्यायपालिका को भी संवेदनशील होना होगा। निर्भया कांड के बाद पाक्सो कानून लाया गया, लेकिन कुछ दल इसे बदलना चाहते हैं। यह उनकी मानसिकता दर्शाता है।
कन्हैया कुमार ने कहा कि देश की राष्ट्रपति महिला हैं, लेकिन मणिपुर में एक महिला के साथ हैवानियत हो जाती है। उन्हें ऐसी घटनाओं का संज्ञान लेना चाहिए। इस दौरान कन्हैया कुमार, शोभा ओझा और विभा पटेल भी मौजूद थीं। मंच के सामने मौजूद महिलाओं में दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता सिंह और शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष साक्षी शुक्ला भी मौजूद थीं। कार्यक्रम के बाद मंच से उतरकर कमल नाथ ने डा. सुनंदा जैन का सम्मान किया।
....जब दिग्विजय की पत्नी के सवाल पर कमल नाथ ने की आपत्ति
महिलाओं से संवाद के दौरान ऐसा भी वाकया हुआ, जब दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता सिंह के सवाल पर कमल नाथ ने आपत्ति की। दरअसल अमृता सिंह ने पूछा कि अगर आपकी सरकार आएगी तो महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में कैसे बदलाव करेंगे। इस पर नाथ ने कहा- सबसे पहले तो मैं आपके प्रश्न के एक हिस्से से सहमत नहीं हूं ‘अगर सरकार बनेगी’। प्रदेश में हमारी सरकार आ ही रही है। हमारी सरकार ने पहले भी महिलाओं के लिए काम किया था। हम वास्तविक सशक्तीकरण करना चाहते हैं। हम सिर्फ लाड़ली बहन बोलकर सशक्त करना नहीं चाहते।











