वन नेशन-वन इलेक्शन पर JPC की बैठक शुरू:बांसुरी स्वराज 'नेशनल हेराल्ड की लूट' लिखा बैग लेकर पहुंची

वन नेशन-वन इलेक्शन पर JPC की बैठक शुरू:बांसुरी स्वराज 'नेशनल हेराल्ड की लूट' लिखा बैग लेकर पहुंची

वन नेशन-वन इलेक्शन पर जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) की 22 अप्रैल को बैठक शुरू हुई। मीटिंग में भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज 'नेशनल हेराल्ड की लूट' लिखा बैग लेकर पहुंची।

स्वराज ने कांग्रेस पार्टी पर गलत काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- यह पहली बार है जब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ-मीडिया में भ्रष्टाचार हुआ है।

वही,वन नेशन-वन इलेक्शन को लेकर JPC राज्यों का दौरा 17 मई को महाराष्ट्र से शुरू करेगी, उसके बाद उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, चंडीगढ़ और पंजाब का दौरा करेगी। JPC अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा-समिति का मानना है कि उसे सभी राज्यों का दौरा करना चाहिए और उनकी राय जाननी चाहिए।

उन्होंने कहा- देश के लोगों के विचार जानने के लिए हर किसी को सुना जाएगा, चाहे वह सेलिब्रिटी हो, खिलाड़ी हो या कोई और, और क्या यह देश के लिए फायदेमंद होगा?

JPC की आखिरी मीटिंग 25 मार्च को हुई थी। इसमें अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी, दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस डी एन पटेल, JPC सदस्य प्रियंका गांधी वाड्रा समेत और अन्य लोग शामिल हुए थे।

मीटिंग में पूर्व जस्टिस हेमंत गुप्ता अपनी बात रखेंगे

JPC की मीटिंग में आज सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस हेमंत गुप्ता अपनी बात रखेंगे। इसके बाद जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस एसएन झा राय देंगे। दूसरे सेशन में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस और भारत के 21वें विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस डॉ. बीएस चौहान शामिल होंगे। अंत में राज्यसभा सदस्य और सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी शामिल होंगे।

दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व CJ बोले- एक साथ चुनाव अच्छी पहल

25 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व CJ डी एन पटेल ने 'एक देश एक चुनाव' प्रस्ताव के पॉजिटिव पहलुओं के साथ इसकी चुनौतियों पर भी चर्चा की थी। उन्होंने कहा था कि लॉन्ग टर्म में इससे बेहतर शासन में मदद मिलेगी। राजनीतिक दलों के बेहतर आकलन हो सकेगा। चुनाव की लागत कम होगी।

हालांकि, उन्होंने प्रस्तावों के सामने आने वाली चुनौतियों में राज्य की स्वतंत्रता पर संभावित प्रभाव के साथ प्रशासन की चिंता, क्षेत्रीय मुद्दों पर राष्ट्रीय मुद्दों के हावी होने की भी बात कही। साथ ही कुछ अनुच्छेदों में संशोधन की आवश्यकता की संवैधानिक बाधाओं का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि राज्य चुनावों को लोकसभा चुनावों के साथ कराने के लिए कुछ विधानसभाओं का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।

वेंकटरमणी बोले- मैं सरकार का नहीं, भारत का अटॉर्नी जनरल हूं 

वेंकटरमणी ने सदस्यों से कहा कि वे केंद्र सरकार के नहीं, भारत के अटॉर्नी जनरल हैं। इसलिए ऐसा नहीं सोचें की मैं इस मामले में केंद्र सरकार की राय का समर्थन करूंगा। उन्होंने कहा कि मुझे भेजे गए सवालों के जबाव देंगे।

भाजपा सांसद और JPC अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा कि एक साथ चुनाव कराना देश के हित में है। समिति इसे लागू करने के सर्वोत्तम तरीकों पर विचार-विमर्श कर रही है। कानूनी विशेषज्ञों से मिली राय समिति को अपनी सिफारिशें तैयार करने में मदद करेंगी।

एक देश-एक चुनाव क्या है

भारत में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए अलग-अलग समय पर चुनाव होते हैं। एक देश-एक चुनाव का मतलब लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने से है। यानी मतदाता लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों को चुनने के लिए एक ही दिन, एक ही समय वोट डालेंगे।

आजादी के बाद 1952, 1957, 1962 और 1967 में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ ही हुए थे, लेकिन 1968 और 1969 में कई विधानसभाएं समय से पहले ही भंग कर दी गईं। उसके बाद दिसंबर, 1970 में लोकसभा भी भंग कर दी गई। इस वजह से एक देश-एक चुनाव की परंपरा टूट गई।


Advertisement