महुआ के फूल से बनी हेरिटेज मदिरा
प्रदेश में महुआ के फूल से बनने वाली हेरिटेज मदिरा को पहचान दिलाने के लिए आबकारी नीति के अंतर्गत वर्ष 2022 में नियम बनाए गए हैं। इसका उत्पादन केवल जनजातियों के लिए अधिसूचित क्षेत्रों में और केवल जनजातियों के स्व सहायता समूह द्वारा ही किया जा सकता है। विनिर्माण इकाई के परिसर में विक्रय के लिए दुकान भी खोली जा सकती है। अब विस्तार देने का निर्णय लिया गया है।
होटल बार में रखना अनिवार्य
मंत्रिमंडलीय समिति में सहमति बनी है कि हेरिटेज मदिरा को प्रत्येक होटल बार में रखना अनिवार्य होगा। दो पेटी मदिरा रखी जा सकेगी। इतना ही नहीं बार के मेन्यू में भी इसकी उपलब्धता का उल्लेख करना होगा। घर पर भी चार बोतल हेरिटेज मदिरा रखी जा सकेगी।
जनजातीय समुदाय द्वारा निर्माण
आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जनजातीय समुदाय द्वारा बनाई जाने वाली महुआ के फूल से मदिरा की अपनी अलग पहचान है। इसकी उपलब्धता सीमित है। अभी उत्पादन सीमित हो रहा है पर नई इकाइयां आगे आ रही हैं। अभी डिंडोरी और आलीराजपुर में दो स्वयं सहायता समूहों को उत्पादन के लिए छूट दी गई है। हेरिटेज मदिरा पर सरकार कोई शुल्क नहीं लेती है।











