इंदौर। देश के हर सुख-दुख में इंदौर ऐसे शामिल रहता है, जैसे आंखों के हर सुख-दुख में आंसू शामिल रहते हैं। खुशी हो तो भी अश्रु बह निकलते हैं और दुख में भी। बुधवार शाम को जब गर्व, दर्प और स्वाभिमान से भरी हुई अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने अपनी मेधा, प्रज्ञा, कुशलता व सटीकता से चंद्रयान-3 को चांद पर उतारा, तो इंदौरी आनंद, उल्लास और आंसुओं में डूब गए।
भारत द्वारा चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश बनने की खुशी राजवाड़ा से लेकर शहर की सड़कों और घरों तक में खूब छाई। हर दिल अपनी रेगुलर धड़कन से कुछ ज्यादा धड़का। इंदौर ने कैसे मनाया यह उत्साह और इंदौरियों के दिल से कैसे बह निकली खुशियों की अविरल धारा।
उन्नत अनुसंधान को मिलेगी गति
भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र को चंद्रयान-3 मिशन बहुत ताकत देगा। इसरो के वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई। देश के प्रतिष्ठित प्रौद्योगिकी संस्थान होने के नाते हम भविष्य के मिशनों में उनके साथ अधिक सक्रिय रूप से बातचीत करना चाहेंगे। उनकी सफलता अंतरिक्ष विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उन्नत अनुसंधान को गति प्रदान करेगी।
- प्रो. सुहास जोशी, निदेशक, आइआइटी, इंदौर
हम भाग्यशाली हैं कि यह दौर देख रहे हैं
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर पूरी चंद्रयान-3 टीम को बधाई। हम भाग्यशाली हैं कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की ओर भारत के इस विजयी कदम को देखने के लिए इस दौर में जीवित हैं। इस मिशन में जो समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रदर्शन हुआ है, वह वास्तव में सराहनीय है। यह उपलब्धि न केवल वैज्ञानिक कौशल बल्कि राष्ट्रीय गौरव का भी प्रतीक है। यह सीमाओं को आगे बढ़ाने और बाधाओं को मात देने के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह उपलब्धि भारत के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं के कौशल को दर्शाती है, यह दर्शाती है कि घरेलू प्रतिभा वैश्विक दिग्गजों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हो सकती है।
मिशन की सफलता से विद्यार्थियों में उत्साह
भारत ने विश्व स्तर पर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। इस मिशन में हमारे वैज्ञानिकों, इंजीनियरों सहित सभी का शानदार समन्वय देखने को मिला। इसे सफल बनाने में हर देशवासी की प्रार्थना शामिल थी। इस सफलता से विद्यार्थी बहुत उत्साहित हैं क्योंकि उन्हें समझ में आ गया है कि यदि हमारे वैज्ञानिक जीरो एरर के साथ यह कार्य अपने देश में कर सकते हैं, तो हम अपने इंस्टीट्यूट में भी बड़े-बड़े कार्य कर सकते हैं।
- प्रो. राकेश सक्सेना, निदेशक, एसजीएसआइटीएस
यह भारत की आस्था की भी विजय
चंद्रयान-3 की सफलता पूरे देश को गौरवान्वित कर रही है। चौथा आयाम काल (समय) का होता है। चंद्रयान-3 से पहले वैज्ञनिकों ने तिरुपति बालाजी मंदिर में पूजा की थी, जिससे सफलता में प्रार्थना का भी योगदान शामिल हो गया। कोई भी काम बिना काल के पाजीटिव हुए बिना नहीं होता।
- डा. मोहन गुप्त, पूर्व आइएएस व संस्कृताचार्य
चंद्रयान-3 जैसे ही सफलतापूर्वक लैंड हुआ, मन झूम उठा। गर्व ने अंतरमन तक पैठ बना ली। खुशी के मारे आंसू छलक आए। सक्षम नेतृत्व, कर्मठ वैज्ञानिकों की वजह से आज भारत को गर्व करने का मौका मिला है।
- कुनाल मिश्रा, लीडर, विजयंत स्काउट दल
युवा पीढ़ी को विज्ञान की ओर ले जाएगी यह उपलब्धि
चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग गर्व का विषय है। इससे भारत को एक नई ऊर्जा मिली। चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला भारत पहला देश बन गया। इससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और वे विज्ञान की तरफ आकर्षित होकर इस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाएंगे।
- प्रांजल शुक्ल, विभाग प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ
हमने कर लिया चांद मुट्ठी में
चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर तापमान माइनस 230 डिग्री तक चला जाता है, इससे वहां काम करना बहुत चुनौतीपूर्ण व मुश्किल भरा होता है। किंतु भारतीय वैज्ञानिकों ने चुनौती स्वीकारी और विजय प्राप्त की। चांद पर धरती के 14 दिन के बराबर समय तक दिन और 14 रात के समय तक रात रहती है। ऐसी चुनौती के बीच भी सफलता पा लेने से दुनिया चकित है।
- राजकुमार जैन, लेखक
विश्व मानेगा हमारा लोहा
चंद्रयान-3 की सफलता ने भारतीय होने के गर्व को और बढ़ा दिया है। वास्तव में यह सफलता केवल चंद्रमा को छूने भर की नहीं बल्कि भारतीयों के बुद्धि, कौशल और पराक्रम की है। चंद्रयान तीन की सफलता से युवा भारतीय तथा वैज्ञानिकों के मन में आशा और विश्वास स्थापित हुआ है कि हम भारतीय किसी से कम नहीं। विश्व समुदाय जो कभी सांस्कृतिक, मानवीय और ऐतिहासिक मूल्य के लिए भारत की ओर अग्रसर होता था, अब वह वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर भी भारत का लोहा मानने लगेगा। सभी देशवासियों एवं चंद्रयान 3 अभियान से जुड़े वैज्ञानिकों को हृदय तल से बधाई और अभिनदंन।
- डा. दीपेंद्र शर्मा
चंद्र विजय
जय जवान जय किसान
जय जय जय विज्ञान।
सारे मिलकर बोल रहे हैं
जय जय अनुसंधान।।
बचपन में माँ ने बतलाया
चंदामामा दूर के
हमने भी खुश होकर गाया
पुए पकाए बूर के
अब चंदा पर उतरा है
भारत का चंद्रयान।
सारे मिलकर बोल रहे हैं
जय जय अनुसंधान।।
सारी दुनिया देख रही है
भारत के पुरजोर को
इसरो की वैज्ञानिक क्षमताओं
की पक्की डोर को
अब कमजोर नहीं विकसित है
अपना हिन्दुस्तान।
सारे मिलकर बोल रहे हैं
जय जय अनुसंधान।।
गूंज रहा ब्रह्मांड में अब
भारत के विक्रम का विक्रम
पूर्ण स्वदेशी नहीं विदेशी
हम भी हैं पूरे सक्षम
विश्वगुरु थे, विश्वगुरु हैं
बतलाता प्रज्ञान ।
चंदामामा को राखी
भेजी है भारतमाता ने
लगता है सारी रचना
रचवाई स्वयं विधाता ने
नेग में देंगे मामाजी
दुनिया भर को मुस्कान।
सारे मिलकर बोल रहे हैं
जय जय अनुसंधान।।
- डा. कीर्ति काले
अपनी ताकत का लोहा हमने फिर से मनवाया है।
अंबर से नित वसुधा तक हमने यश फहराया है।
पवनपुत्र के अनुयायों ने पूर्ण किया संकल्पो को।
आज तिरंगा चंदा मामा के घर जाकर लहराया है।
- राहुल शर्मा, राष्ट्रीय कवि
इंटरनेट मीडिया पर अनूठे अंदाज में लैंड करते रहे इंदौरी
- कमाल करते हैं ये इसरो वाले, उतरने की इच्छा चांद पर थी और उतर पूरे हिंदुस्तान के दिल में गए। - अवनीश कुमार, नवोदयन
- इंदौर के भूमाफियाओं की नजर अब चांद पर। वहां भी अवैध कालोनी काटने की योजना बनने लगी। चांद के अधिकारी हो जाएं सतर्क - अथर्व राठौर
- चांद पर सबसे पहली कालोनी इंदौरी बिल्डर ही काटेंगे। दुकान, प्लाट, मकान के लिए संपर्क करें।- मुकेश जैन
- भिया, मैं तो इस भीड़-भड़क्के वाली धरती को छोड़कर चांद पे रहने जा रिया हूं, तुम चल रहे हो क्या। - राहुल चाकरे
- चलो बढ़िया है, अब चांद पर भी पोहे खाने को मिलेंगे। - प्रियांक मंडलोई
- पूरी दुनिया से कह दो, आज चांद पर है अपुन....। - बंटी सोलंकी











