अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राउल कास्त्रो पर लगे आरोपों को ‘एक बहुत बड़ा पल’ बताया है। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है। क्यूबा को लेकर अगले कदम पर उन्होंने कहा कि अमेरिका इस 'विफल होते राष्ट्र' को मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। दूसरी ओर क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कनेल बरम्यूडेज ने अमेरिका के आरोपों की निंदा करते हुए इन्हें राजनीतिक पैंतरा बताया है।
क्यूबा ने किया खारिज
डियाज-कनेल ने कहा है कि अमेरिका के पास राउल कास्त्रो पर मुकदमा चलाने का कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पर झूठ बोलने और 1996 में विमानों को मार गिराए जाने की घटनाओं को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है। 23 अप्रैल को इस पर आरोप पक्ष दायर किया गया है।अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, राउल के खिलाफ ये आरोप मियामी की एक संघीय अदालत में दायर किए गए थे। इसमें अमेरिकी नागरिकों की हत्या की साजिश का एक आरोप, हत्या के चार आरोप और विमान को नष्ट करने के दो आरोप शामिल हैं। ट्रम्प प्रशासन ने कास्त्रो के खिलाफ आपराधिक आरोप तय किए हैं।
94 साल के हैं राउल कास्त्रो
फिदेल कास्त्रो के भाई राउल 94 वर्ष के हैं और क्यूबा क्रांति के अंतिम जीवित नेताओं में से एक हैं। उनका खिलाफ यह मामला बुधवार को सार्वजनिक किया गया। अमेरिकियों का राउल से टकराव 1959 से है, जब वह अपने भाई फिदेल के साथ क्यूबा के सिएरा माएस्ट्रा पहाड़ों से नीचे उतरे और फुलजेंसियो बतिस्ता की सरकार को उखाड़ फेंका।क्यूबा क्रांति के बाद फिदेल कास्त्रो ने देश के मुख्य कार्यकारी के तौर पर शासन किया तो राउल कास्त्रो ने दशकों तक देश के सशस्त्र बलों के मंत्री के रूप में काम किया। इस दौरान वे अपने भाई के सबसे करीबी विश्वासपात्रों में से एक थे। फिदेल कास्त्रो के समय राउल क्यूबा की सरकार में दूसरे सबसे शक्तिशाली व्यक्ति थे।
साल 2006 में बने राष्ट्रपति
राउल का सरकार के शीर्ष पर पहुंचने का समय 2006 में आया। फिदेल ने अपनी बीमारी की वजह से अस्थायी तौर पर अपने भाई राउल को शीर्ष पद पर बैठाया और फिर 2008 में औपचारिक रूप से राष्ट्राध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति के तौर पर राउल ने 2008 से 2018 तक एक दशक के लिए काम किया।राउल के राष्ट्रपति के तौर पर किए गए अहम फैसलों में से एक 2015 का क्यूबा थॉ था। इसमें क्यूबा और अमेरिका ने (बराक ओबामा के नेतृत्व में) सालों की कड़वी दुश्मनी के बाद औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित किए। हालांकि यह मेल-मिलाप साल 2017 में डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद रुक गया।











