भोपाल। गांधी मेडिकल कालेज की पीजी छात्रा डा बाला सरस्वती की खुदकुशी मामले की जांच दो माह बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। इस मामले की जांच एसीपी शाहजहांनाबाद कर रहे हैं,लेकिन एफएसएल रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण पूरा मामला रुका हुआ है। इस मामले में एसीपी ने जांच के दौरान मृतका के स्वजन और मुख्य संदेहियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस ने एसएफएल रिपोर्ट के लिए दो रिमांडर भी भेजे हैं, लेकिन रिपोर्ट मिल नहीं पाई है।
दवा का ओवरडोज लेकर की थी खुदकुशी
हम बता दें कि गांधी मेडिकल कालेज में पीजी की पढ़ाई कर रही डा. बाला सरस्वती ने अपने घर में बेहोशी के इंजेक्शन का ओवरडोज लेकर खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में पुलिस को उसके मोबाइल से सुसाइड नोट मिला था। मामले में उसके स्वजनों ने कालेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे। तत्कालीन विभागाध्याक्ष पर भी आरोप लगाए गए थे। सुसाइड नोट में मृतका ने खुद इस मामले में सवाल उठाए थे। पूरे मामले को लेकर पीजी के छात्रों ने इस मामले को लेकर एक लंबा आंदोलन भी चलाया था।
तबादले के बाद नए एसीसी ने संभाला जांच का जिम्मा
पहले इस मामले की जांच शाहजहांनाबाद पुलिस के एसीपी उमेश तिवारी कर रहे थे। उनका तबादला होने के बाद नए एसीपी निहित उपाध्याय ने मामला अपने हाथ में लेकर जांच को जारी रखा है। इस मामले में पूर्व विभागाध्यक्ष को भी नेाटिस जारी कर उनके बयान दर्ज किए थे। एक बार फिर से मृतका के स्वजनों को उनके बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। उनके आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। इधर, मृतका की एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद मामले में आरोपित के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले में एक दो दिन का समय लग सकता है।











