राजस्व प्रकरणों को समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश

राजस्व प्रकरणों को समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश

मनेंद्रगढ़। कलेक्टर नरेंद्र कुमार दुग्गा की अध्यक्षता में कलेक्टर सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक आयोजित की गई जिसमे विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई । बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री भेंट मुलाकात में हुई घोषणाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कलेक्टर जन चौपाल, जन शिकायत, सीजी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की विभागवार समीक्षा करते हुए राजस्व प्रकरणों को समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिये।

कलेक्टर ने प्रशासकीय स्वीकृति, आयोग, प्राधिकरण से स्वीकृत कार्यो को तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश देते हुए राजस्व अधिकारियों को विवादित एवं अविवादित नामांतरण, सीमांकन, व्यपवर्तन, खाता विभाजन, अभिलेख त्रुटि सुधार जैसे लंबित प्रकरणों को यथाशीघ्र समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने धान रकबा परिवर्तन कृषकों के खाता सत्यापन, राजीव गाँधी किसान न्याय योजना अंतर्गत कृषकों का जिले में शत प्रतिशत पंजीयन करने के निर्देश सम्बंधित अधिकारीयों को दिये साथ ही मनरेगा अंतर्गत मजदूरो की भुगतान विधि अनुरूप समय सीमा में करने के निर्देश दिये ।

कलेक्टर ने व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र के सभी प्रकरणों का निराकरण ,सामुदायिक वन अधिकार पत्र का प्रदाय, वन संसाधन अधिकार पत्र का प्रदाय, वन अधिकार समिति का गठन, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत व्यक्तिगत वन अधिकार पत्रों का विकास कार्य,वन अधिकार पत्र धारकों कृषि ऋण की सुविधा,राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना एवं राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ, कृषि आदान सामग्री की उपलब्धता, वन अधिकार पत्र धारकों को धान खरीदी का पंजीयन, सामाजिक सुरक्षा योजना एवं शासन की अन्य समस्त योजनाओं का लाभ, शैक्षणिक सुविधाओं की उपलब्धता, कौशल विकास योजना का क्रियान्वयन, सुपोषण योजना का क्रियान्वयन सहित प्रधानमंत्री आवास निर्माण आर्थिक सहायता, लंबित मजदूरी भुगतान, पेंशन भुगतान सहित शासन से मिलने वाली सभी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने जनपद सीईओ को निर्देशित किये। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को शिविर लगाकर समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिये।

बैठक में आवारा एवं घुमंतू पशुओं के प्रबंधन को लेकर भी गहन चर्चा हुई। कलेक्टर ने उपस्थित संबंधित अधिकारियों को उचित प्रबंधन हेतु नवाचार को समाहित करने के दिये निर्देश दिये। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इसके लिए स्थायी विकल्प निर्मित करने की सलाह दी। उन्होंने पशुधन को रोकने के लिए ऐसे स्थान का चयन करने की बात कही जो कि शुष्क हो। इसके साथ ही उन्होंने चारे के प्रबंधन के लिए भी संबंधी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि राज्य में खरीफ फसल बुआई कार्य के पूर्व खुले में चराई कर रहे पशुओं को रोका-छेका अभियान चलाकर पशुपालकों को मुनादी के जरिए जागरूक करने को कहा तथा समझाइश के बाद भी न मानने पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये।


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