भोपाल के गांधी नगर इलाके में गुरुवार रात (27 नवंबर) को स्थानीय युवकों ने उसे सबसे पहले पकड़ा था। उनमें से एक रिजवान ने बताया कि मुझे उसके बारे में दोस्त राजा ने सूचना दी थी। सलमान की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल थी इसलिए उसने उसे पहचान लिया।
सलमान के पास पहचान के कोई दस्तावेज नहीं थे उस वक्त मैं वहां नहीं था। मैं तत्काल मौके पर पहुंच गया। इसके बाद खजूरी थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी राहुल गुरु को सलमान की तस्वीर वॉट्सऐप पर भेज दी। उन्होंने रायसेन पुलिस से उसकी तस्दीक कराई। करीब आधे घंटे में वे ध्रुव नाम के पुलिसकर्मी के साथ मौके पर आ गए। इस दौरान सलमान हमारे पास ही रहा।
जब उससे दस्तावेज दिखाने को कहा तो उसके पास आधार कार्ड सहित पहचान हो सके ऐसा कोई भी दस्तावेज नहीं था। उसने रेप का आरोपी होना तो दूर रायसेन जिले में किसी भी तरह के रेप की घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया।
करीब डेढ़ घंटे बाद रायसेन की पुलिस भोपाल आई। गांधी नगर पुलिस के साथ वे सलमान को लेकर चले गए। रिजवान ने बताया कि हिरासत में लिया व्यक्ति सलमान ही है, यह पुष्टि होते ही गांधी नगर थाने के बाहर लोगों का जमावड़ा लगने लगा था। भीड़ बढ़ती इससे पहले ही गोपनीय ढंग से सलमान को रायसेन पुलिस के साथ रवाना कर दिया गया।
वारदात के बाद भोपाल में सलमान ने ऐसे काटी फरारी बच्ची से रेप के बाद सलमान 22 नवंबर को भोपाल पहुंच गया था। इस दिन वह 12 नंबर स्टॉप मल्टी के पास कुछ देर रुका था। फिर भोपाल टॉकीज चला गया। रात उसने कब्रिस्तान के पास गुजारी। अगले दिन काजी कैंप पहुंचा तो अपने पास रखे पैसों से खाना खरीद कर खाया।
इसके बाद अगले 3 दिन 24, 25, 26 नवंबर को उसने डीआईजी बंगले पर मजदूरी की। रातें मॉडल ग्राउंड की पीली बिल्डिंग के बाहर गुजारीं। अगले दिन 27 नवंबर को सलमान ने मिनाल से शराब खरीदी और गांधी नगर पहुंच गया।
यहां किराये का मकान ढूंढते वक्त स्थानीय निवासी सलमान, अब्दुल और आसिफ की उस पर नजर पड़ गई। इसके बाद इन्होंने रिजवान को कॉल कर बुला लिया। रिजवान के आने के बाद सिपाही अब्दुल गुरु को फोटो भेजी गई।
एनकाउंटर के बाद हमीदिया में भर्ती, पैर में इन्फेक्शन भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती सलमान के पैर की शुक्रवार शाम को सर्जरी की गई। उसकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों ने उसे आब्जर्वेशन में रखा गया है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद रायसेन पुलिस उसे लेकर रवाना होगी।
इसके बाद उससे अहम पूछताछ की जाएगी। फरारी कहां और किसी की मदद से काटी, भोपाल में कितने दिन से था और कैसे पहुंचा। हालांकि शुरूआती पूछताछ में उसने पैदल ही भोपाल तक आने की बात पुलिस से कही थी।
शनिवार शाम को सलमान को हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से निकालकर वार्ड में शिफ्ट किया है। गोली के बारूद से उसके पांव में इन्फेक्शन हो चुका है। डॉक्टरों की टीम उसे निगरानी में रखे है।
बताया जा रहा है कि उसे पूरी तरह से रिकवर होने में समय लगेगा। वहीं रायसेन पुलिस ने उसे दस दिन की रिमांड पर ले रखा है। अस्पातल से डिस्चार्ज होने के बाद उसकी रिमांड अवधि को पुलिस जमानत अनुसार बड़वा भी सकती है।
हिंदू संगठन ने की पनाह देने वाले पर कार्रवाई की मांग एसीपी उमेश तिवारी के कार्यालय में शनिवार को मां भवानी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पहुंचे। जहां उन्होंने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि सलमान को भोपाल के साईं बोर्ड में रहने वाली बेबी, वसीम और सनम ने अपने घर में पनाह दी थी। गांधी नगर में पकड़े जाने से पहले तक वह उन्हीं के घर में रहा है। संगठन ने जांच के बाद कार्रवाई की मांग की है।
पूछताछ में बोला- अंदाजा नहीं था पहचान हो जाएगी वहीं, रायसेन पुलिस उसे भोपाल से गौहरगंज ले जा रही थी। रास्ते में पूछताछ के दौरान उसने बताया कि बच्ची उसे सॉफ्ट टारगेट लगी थी। अंदाजा नहीं था कि मामला इतना बड़ा हो जाएगा और पहचान हो जाएगी। वह बच्ची के साथ गलत काम कर उसे छोड़ देना चाहता था, लेकिन जब बच्ची शोर मचाने लगी तो पकड़े जाने के डर से उसके साथ मारपीट भी की।
वारदात के बाद बच्ची की हालत बिगड़ती देख भाग निकला। जंगल के रास्तों से होकर वह 11 मील होते हुए भोपाल पहुंचा। उसने फुटपाथों पर रातें गुजारीं। उसके पास मौजूद थोड़े पैसे से वह समोसा, कचौड़ी और पोहा खाकर गुजर करता रहा। पहचान छिपाने के लिए वह लगातार मास्क लगाए रहा। आउटर रूट से घूमते हुए वह दोबारा गांधी नगर पहुंच गया और गिरफ्तारी से एक रात पहले तक वहीं छिपा हुआ था।
बुदनी के शाहगंज थाने का स्थायी वारंटी है सलमान आरोपी सलमान बुदनी स्थायी वारंटी है। यह वारंट उसके खिलाफ 2019 में दर्ज घर में घुसकर मोबाइल चोरी के मामले में जारी हुआ था। यह मामला शाहगंज का है, जिसमें फरियादी आबिद खान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप है कि सलमान फरियादी के घर में घुसकर एक मोबाइल चुरा ले गया था। शाहगंज पुलिस ने उसे इस मामले में 28 अप्रैल 2019 को गिरफ्तार किया था। यह प्रकरण बुदनी न्यायालय में विचाराधीन था, लेकिन सलमान लगातार सुनवाई में गैरहाजिर रहता था। इसी वजह से बुदनी कोर्ट ने 2023 में उसे स्थायी वारंटी घोषित कर दिया था।











