इंदौर की बेटी ने 100 से अधिक देशों के पार्टिसिपेंट के बीच किया कमाल, इस कॉन्टेस्ट में रनर अप बन रचा इतिहास

इंदौर की बेटी ने 100 से अधिक देशों के पार्टिसिपेंट के बीच किया कमाल, इस कॉन्टेस्ट में रनर अप बन रचा इतिहास
इंदौरः दक्षिण कोरिया के इंचियोन में अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता, मिसेज यूनिवर्स के 47वें संस्करण का आयोजन किया गया था। इसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। मध्य प्रदेश के इंदौर की बहु निकिता कुशवाह ने मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता में फर्स्ट रनर-अप का खिताब हासिल करके देश का गौरव बढ़ाया है। निकिता अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार से मिले अटूट सपोर्ट और मार्गदर्शन को दे रही हैं।


निकिता कुशवाह ने दक्षिण कोरिया के इंचियोन में 2 से 10 अक्टूबर तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता के अंतर्गत मिसेज यूनिवर्स के 47वें संस्करण में भाग लिया था। बता दें कि इससे पहले निकिता ने 20 जुलाई को इंदौर में आयोजित एक समारोह में मिसेज एशिया पैसिफिक वर्ल्ड का खिताब जीतकर अपने परिवार और शहर का गौरव बढ़ाया है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री जया प्रदा और पूर्व मिसेज वर्ल्ड अदिति गोवित्रिकर ने दिया था।

इन लोगों के सहयोग पर किया आभार व्यक्त


खिताब जीत कर इंदौर आई निकिता ने नवभारत टाइम्स से बात करते हुए कहा, 'मैं अपने परिवार, दोस्तों और शुभचिंतकों से मिले सपोर्ट के लिए आभारी हूं। मेरी यह उपलब्धि सपने देखने की शक्ति हिम्मत का प्रमाण है। मेरी कोशिश रहेगी कि मैं एक उदाहरण के रूप में और भी महिलाओं को अपने शौक, अपने जुनून को आगे बढ़ाने और अपना प्रभाव डालने के लिए प्रेरित कर सकूं।'

पेशे से कार्डियक और रेस्पिरेटरी फिजियोथेरेपिस्ट


निकिता पेशे से कार्डियक और रेस्पिरेटरी फिजियोथेरेपिस्ट हैं। मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता में उनकी भागीदारी अपने आसपास की महिलाओं की जीवन के हरेक हिस्से में उत्कृष्टता प्राप्त करने की इच्छा शक्ति और संकल्प को उजागर करती है। निकिता ने एक नेशनल कास्ट्यूम राउंड में अयोध्या के राम मंदिर थीम पर बनी ड्रेस प्रेजेंट की। उनका कहना है कि दुनिया के बीच अपने देश का गौरव बताने का यह सबसे अच्छा मौका था, क्योंकि मिसेज यूनिवर्स सिर्फ़ एक सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं है। यह विवाहित महिलाओं के लिए अपनी कम्युनिटी में योगदान देने और अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का एक मंच है।

ये प्रतिभागी प्रतियोगिता में ले सकते हैं भाग


यह प्रतियोगिता दुनिया भर की 18 से 55 वर्ष की विवाहित, तलाकशुदा और विधवा महिलाओं के लिए खुली है। प्रतिभागियों का मूल्यांकन न केवल उनकी सुंदरता के आधार पर किया जाता है, बल्कि उनकी बुद्धिमत्ता, व्यक्तित्व और किसी महत्वपूर्ण उद्देश्य के प्रति समर्पण के आधार पर भी किया जाता है। बेलारूस की नतालिया डोरोशको ने मिसेज यूनिवर्स का ताज अपने नाम किया, वहीं निकिता की प्रथम रनर-अप के रूप में उपलब्धि भी महत्वपूर्ण है।
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