दिव्यांगों ने ज्यादातर क्षेत्रों में अपना परचम लहराकर अपना सम्मान हासिल किया है। ऐसे में दिव्यांगों की सुविधाओं को देखते हुए हर दफ्तर, सरकारी भवन, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन आदि में विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं। ठीक ऐसी ही व्यवस्था इंदौर मेट्रो में देखने को मिलेंगी।
इंदौर मेट्रो में दृष्टिहीन दिव्यांगजनों के लिए स्टेशन पर प्रवेश से लेकर कोच तक और कोच से लेकर वापस उतरने तक हर जगह ब्रेल लिपि की पट्टिकाएं लगाई जाएंगी। वहीं अन्य दिव्यांगजनों के लिए रैंप, व्हील चेयर से आ-जा सकने सहित अन्य सुविधाएं तैयार की जाएंगी।
इंदौर मेट्रो के सफर में दिव्यांग अपने को असहज महसूस नहीं करेंगे। मेट्रो के संचालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कमिश्नर आफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की गाइडलाइन के हिसाब से सभी मेट्रो स्टेशन पर दिव्यांगों की सुविधाओं और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना जाएगा।
30 सिंतबर को मेट्रो का सेफ्टी ट्रायल किया जा चुका है। जल्द ही लोगों को मेट्रो की सुविधा मिलने लगेगी। बताया गया कि आर्थिक टीम की बैठक के बाद दिव्यांगों के लिए किराए में कुछ छूट भी दी जा सकती है।
ब्रेल लिपि
इंदौर मेट्रो के हर स्टेशन, मेट्रो कोच आदि में सूचना पट्टिकाओं को ब्रेल लिपि का प्रयोग किया जाएगा। इससे दृष्टिबाधित लोग इस पट्टिका को स्पर्श करके सूचना हासिल कर सकेंगे। इन पट्टिकाओं में प्रवेश, निकास, स्टेशन की जानकारी, प्लेटफार्म, गंतव्य ट्रेन की जानकारी समेत ज्यादातार जानकारियों को ब्रेल लिपि के माध्यम से लिखने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलाव लिफ्ट की बटनों में ब्रेल लिपि का प्रयोग किया जाएगा।
रैंप वाक
दिव्यांगों को स्टेशन पर पहुंचने में कोई समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए रैंप वाक का निर्माण किया जाएगा। इसमें लिफ्ट तक पहुंचने के लिए रैंक वाक बनेगी। ताकि दिव्यांग अपनी व्हीलचेयर से आसानी से लिफ्ट तक पहुंच सकें और लिफ्ट के जरिए प्लेटफार्म तक पहुंच सकेंगे।
नि:शुल्क व्हीलचेयर
जो दिव्यांग स्टेशन पर कैब या अन्य वाहनों से आएंगे। हर मेट्रो स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। हालांकि इनकी संख्या अभी निर्धारित नहीं की गई है।
जनसुविधा
सभी मेट्रो स्टेशन पर दिव्यागों के लिए अलग से जनसुविधा की व्यवस्था रहेगी। इसमें लाेअर वाशरूम और टायलेट की सुविधा रहेगी।
कोच में निर्धारित स्थान
अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो के हर कोच में दिव्यांगों की व्हीलचेयर के लिए एक स्थान निर्धारित किया जाएगा। जहां उनकी व्हीलचेयर ठहरने की व्यवस्था होगी। इस स्थान पर बैठने की रेक नहीं लगेगी।
प्लेटफार्म पर स्पर्श पथ
दृष्टिबाधित लोगों को प्लेटफार्म पर कोई समस्या न हो इसके लिए प्लेटफार्म पर स्पर्श पथ बनाया जाएगा। यह एक तरह की ऊभरे हुए पत्थर होगा। यह प्लेटफार्म के पास में समान्तर रूप से बनाया जाएगा। दृष्टिबाधित लोग पैर से ही इस उभरे पत्थर को महसूस कर सकेंगे और प्लेटफार्म पर ही ठहर सकेंगे।
वैडिंग मशीन
हर मेट्रो स्टेशन पर टिकट लेने के लिए वैंडिंग मशीने लगाई जाएंगी। इनकी ऊंचाई दिव्यांगों के हिसाब से रखी जाएंगी। इसके अलावा दिव्यांगों की मदद के लिए वांलटियर भी रहेंगे।
व्हीलचेयर के लिए चौड़ा द्वार
मेट्रो स्टेशन में प्रवेश और निकासी के लिए कई द्वारा बनेंगे। इसमें लोग टोकन और स्मार्ट कार्ड के जरिए अावागमन कर सकेंगे। वहीं व्हीलचेयर के लिए कुछ एक या दो द्वार होंगे। इनकी चौड़ाई सामान्य से ज्यादा होगी।
स्मार्ट कार्ड पर ब्रेल लिपि
दृष्टिबाधित लोगों के लिए स्मार्ट कार्ड पर भी ब्रेल लिपि का प्रयोग किया जाएगा। ताकि वह कार्ड स्पर्श करके कार्ड नंबर पता कर सकें। हालांकि अब सामान्य रुप से भी डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड पर उभरे हुए अक्षरों का प्रयोग किया जाने लगा है।











