सूत्रों का कहना है कि इसके लिए नागर विमानन मंत्रालय, बीसीएएस, डीजीसीए और सीआईएसएफ के साथ आईबी और अन्य एजेंसियों ने मिलकर काम करना शुरू कर दिया है। अगर सुरक्षा में कहीं कोई कमी लगती है तो उसे और मजबूत किया जाए। फिलहाल फ्लाईदुबई वाली घटना की चल रही जांच को सरकार ऑब्जर्व कर रही है। मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों तमाम भारतीय एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटर के संपर्क में हैं, ताकि किसी भी तरह का खतरा उत्पन्न ना होने पाए।
फ्लाईदुबई घटना से अलर्ट हुई भारत सरकार, कॉकपिट सुरक्षा को लेकर बन सकते हैं नए नियम
नई दिल्ली: अब भारत सरकार भी मामले को लेकर अलर्ट हो गई है। देश के तमाम एयरपोर्ट का सिक्योरिटी रिव्यू किया जा रहा है। इसमें जरूरत के मुताबिक सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। खासतौर से हवाई जहाजों की कॉकपिट सिक्योरिटी को लेकर गंभीर चिंतन शुरू हो गया है। मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय भी नजरें बनाए हुए है।
सूत्रों का कहना है कि इसके लिए नागर विमानन मंत्रालय, बीसीएएस, डीजीसीए और सीआईएसएफ के साथ आईबी और अन्य एजेंसियों ने मिलकर काम करना शुरू कर दिया है। अगर सुरक्षा में कहीं कोई कमी लगती है तो उसे और मजबूत किया जाए। फिलहाल फ्लाईदुबई वाली घटना की चल रही जांच को सरकार ऑब्जर्व कर रही है। मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों तमाम भारतीय एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटर के संपर्क में हैं, ताकि किसी भी तरह का खतरा उत्पन्न ना होने पाए।
सूत्रों का कहना है कि इसके लिए नागर विमानन मंत्रालय, बीसीएएस, डीजीसीए और सीआईएसएफ के साथ आईबी और अन्य एजेंसियों ने मिलकर काम करना शुरू कर दिया है। अगर सुरक्षा में कहीं कोई कमी लगती है तो उसे और मजबूत किया जाए। फिलहाल फ्लाईदुबई वाली घटना की चल रही जांच को सरकार ऑब्जर्व कर रही है। मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों तमाम भारतीय एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटर के संपर्क में हैं, ताकि किसी भी तरह का खतरा उत्पन्न ना होने पाए।
