भोपाल I 17 अगस्त, शनिवार का दिन राजधानी के शास्त्रीय संगीत प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन दिन साबित होने वाला है I इस दिन भोपाल के शहीद भवन में शाम साढ़े छह बजे से प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत गायिका डॉ. नीलांजना वशिष्ठ के सुरों की महफिल सजेगी I बता दे की डॉ. नीलांजना, भारतीय शास्त्रीय संगीत के सशक्त हस्ताक्षर पद्म विभूषण पंडित जसराज की शिष्या रही हैं ज़ाहिर है कि डॉ. नीलांजना का संबंध भी स्वर्गीय पंडित जसराज की ही तरह मेवाती घराने से हैं. इस कार्यक्रम को पंडित जसराज पुण्य स्मृति समारोह, हवेली संगीत का शीर्षक दिया गया है I
क्या होता है हवेली संगीत
हवेली संगीत ध्रुपद शैली पर आधारित संगीत है जिसे कालांतर में समाज गायन भी कहा जाने लगा I ये वास्तव में उत्तर भारत की संगीत परंपरा का एक अनूठा हिस्सा है I हवेली संगीत अपनी प्राचीन स्वर्णिम विरासत के लिए जाना जाता है I इसकी अपनी लय, ताल एवं स्वरबद्धता होती है I इस शैली में भगवान कृष्ण की आराधना और भजन अत्यंत लोकप्रिय हैं I
आप भी भारतीय शास्त्रीय संगीत की इस विशिष्ठ शैली में कानों में रस घोलकर भावविभोर कर देने वाले भजन और संगीत का आनंद लेना चाहते हैं, तो शहीद भवन में आयोजित ये कार्यक्रम पूर्णत: निशुल्क है.I
इस दौरान डॉ. नीलांजना के अलावा भोपाल व प्रदेश के कई प्रतिभाशाली गायक व गायिकाएं भी अपनी प्रस्तुति देंगी I इस कार्यक्रम का आयोजन संस्था जसराग "द फाउंदेशन ऑफ म्यूजिक" के बैनर तले किया जा रहा है।











