जनजातीय संग्रहालय में निनाद समारोह का शुभारंभ आज, श्रीजी मंदिर में हिंडोला उत्सव

जनजातीय संग्रहालय में निनाद समारोह का शुभारंभ आज, श्रीजी मंदिर में हिंडोला उत्सव

भोपाल। शहर में प्रतिदिन सांस्‍कृतिक, सामाजिक, कलात्‍मक, खेल, धार्मिक आदि गतिविधियों का सिलसिला चलता रहता है। शुक्रवार 18 अगस्त को भी शहर में अनेक ऐसी गतिविधियों का आयोजन होने जा रहा है, जिनका आप आनंद उठा सकते हैं। यहां हम कुछ ऐसे चुनींदा कार्यक्रमों की जानकारी पेश कर रहे हैं, जिसे पढ़कर आपको अपनी दिन की कार्ययोजना बनाने में आसानी होगी।

चित्र प्रदर्शनी - मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय की लिखंदरा दीर्घा में गोंड समुदाय के चित्रकार यशवंत धुर्वे के चित्रों की प्रदर्शनी सह-विक्रय का संयोजन किया गया है। 40वीं शलाका चित्र प्रदर्शनी अगस्त माह के अंत तक रहेगी। इसे सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक देखा जा सकता है।

माह का प्रादर्श - इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के अंतरंग भवन वीथि संकुल में माह के प्रादर्श श्रृंखला के अंतर्गत अगस्त के प्रादर्श के रूप में ग्राम उप्पुण्दा, जिला- उडुपी, कर्नाटक के लोक समुदाय से संकलित लकड़ी पर बनी बाघ की मूर्ति 'चिराटे' को दर्शकों के अवलोकन हेतु प्रदर्शित किया गया है। मानव संग्रहालय में आप इसका अवलोकन सुबह 11 बजे से कर सकते हैं।

हिंडोला उत्सव - सावन के पावन मास में लखेरापुरा स्थित श्रीजी मंदिर में हिंडोला उत्सव मनाया जा रहा है, जिसमें प्रभु श्रीनाथजी हरी-हरी डालियों से बने झूले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। समय - शाम साढ़े छह बजे।

निनाद समारोह - संस्कृति विभाग द्वारा जनजातीय संग्रहालय में देश के ऐसे जनजातीय और लोकनृत्यों पर केन्द्रित समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें वृक्ष-वनस्पतियों के आपस में टकराने से निकलने वाली ध्वनि के आश्रय से नृत्य परिकल्पित किए गए हैं। वर्तमान में उनके नृत्यरूप का आधार विभिन्न आकार के लकड़ी के डंडे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नृत्य एवं ताल के आदिरूपों पर एकाग्र तीन दिवसीय 'निनाद समारोह' 18 से 20 अगस्त तक प्रतिदिन शाम 6.30 बजे से आयोजित किया जाएगा। इन तीन दिनों में ऐसे नृत्य होंगे, जिनमें नृत्य की प्रेरणा के आरंभिक स्रोत डंडे का उपयोग प्रमुखता से होता है। समारोह में प्रदेश एवं देश के नौ राज्यों के जनजातीय और लोक नृत्यरूपों की प्रस्तुतियां संयोजित की जाएंगी।



Advertisement