मध्‍य प्रदेश में बिना बीएड वाले शिक्षक भी उच्च पद प्रभार के योग्य होंगे

मध्‍य प्रदेश में बिना बीएड वाले शिक्षक भी उच्च पद प्रभार के योग्य होंगे
भोपाल। मध्‍य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में उच्च पद प्रभार की काउंसलिंग में अमान्य की जा रही डिग्री को अब मान्य किया जाएगा। अभी तक जिन शिक्षकों के पास बीएड की डिग्री नहीं है, उन्हें अपात्र किया जा रहा था। इसे लेकर शिक्षकों में भारी आक्रोश था। अब लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के संचालक केके द्विवेदी ने गुरुवार को आदेश जारी किए हैं।

दरअसल, डीपीआई की ओर से प्राथमिक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक और माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को व्याख्याता पद के लिए काउंसलिंग की जा रही है। काउंसलिंग में सबसे बड़ी समस्या शिक्षकों की योग्यता को लेकर है। जिन शिक्षकों ने डीएड, बीटीआई या अन्य योग्यता ली, उसे पिछले साल उच्च पद प्रभार की काउंसलिंग में मान्य किया गया था, लेकिन इस बार काउंसलिंग में उसे अमान्य किया जा रहा था। इससे प्रदेश में हजारों शिक्षक परेशान थे।

मामले को लेकर डीपीआई आयुक्त शिल्पा गुप्ता के अनुमोदन से संचालक केके द्विवेदी ने डिग्री को मान्य करने के संबंध में गुरुवार को आदेश जारी कर दिए हैं। जिला अंतर्गत ऐसे सभी शिक्षकों को तत्काल सूचित कर 20 जुलाई तक आवेदन प्राप्त कर पूर्व में जारी परीक्षा अनुमति का परीक्षण कर 20 जुलाई तक कार्योत्तर अनुमति अनिवार्य रूप से जारी करेंगे।

डीईओ को किया अधिकृत

आदेश में कहा गया है कि वर्तमान में उच्च पद प्रभार की प्रक्रिया चल रही है है। इस दौरान संज्ञान में आया है कि कई शिक्षकों द्वारा बीएड/स्नातकोत्तर योग्यता वृद्धि की अनुमति सक्षम स्तर से नहीं ली गई है। शिक्षकों द्वारा दिए गए आवेदन से प्रतीत होता है कि उन्हें उस समय नियमों की जानकारी न होने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई।

इस कारण सभी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को निर्देशित किया जाता है कि जिन शिक्षकों ने पहले संस्था प्रमुख/ विकासखंड शिक्षा अधिकारी या अन्य स्तर से अनुमति प्राप्त की थी, उनके आवेदन प्राप्त कर दस्तावेजों का परीक्षण कर अनुमति प्रदान की जाए।
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