आरा: कहा जाता है मां की ममता दुनिया का सबसे अटूट रिश्ता है, लेकिन इस घटना ने मां की ममता पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। दरअसल एक नवजात बच्ची जन्म के बाद मां की गोद में मिलने के बजाय वह बच्ची एक पैसेंजर ट्रेन की सीट पर मिली। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर ट्रेन में यात्री आश्चर्यचकित रह गए। यात्रियों ने फौरन इसकी सूचना चाइल्ड हेल्प लाइन को दिया। जिसके बाद चाइल्ड हेल्प लाइन से जुड़े कर्मचारी पहुंचकर मासूम बच्ची को अपने साथ ले गए। पूरा मामला बिहार के आरा स्टेशन का है।आरा में नवजात बच्ची को छोड़ गई मां
जहां सुबह सात बजे आरा पटना पैसेंजर ट्रेन में यात्री तब चौंक गए, जब उनकी बोगी में एक बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद यात्री उस जगह पर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि ट्रेन की सीट पर एक नवजात बच्ची लावारिस पड़ी है और रो रही है। ये देख वहां मौजूद सारे यात्री सन्न रह गए।
यात्रियों ने ही पुलिस को खबर दी
यात्रियों के अनुसार जैसे वो ट्रेन में चढ़े, बच्ची सीट पर अकेली मिली और वो रोए जा रही थी। जिसके बाद यात्रियों ने बच्ची की मां को ढूंढा लेकिन उसके आस पास कोई परिजन नहीं मिलने के बाद यात्रियों ने इसकी सूचना बाल संरक्षण इकाई भोजपुर को दिया गया। जिसके बाद चाइल्ड हेल्प लाइन से जुड़े कर्मचारी आरा स्टेशन पहुंचे और बच्ची को ससुरक्षित अपने साथ ले आए।
चाइल्ड हेल्पलाइन वाले बच्ची को ले गए
वहीं इस घटना ने कलयुगी मां पर कई सवाल खड़ा कर दिया है। इसके साथ ही आपको यह भी बता दें कि आरा से चलकर पटना जाने वाली यह पैसेंजर ट्रेन आरा से ही शुरू होती है और 7 बजकर 5 मिनट में आरा से खुलकर पटना के लिए रवाना होती है, इससे पहले यह ट्रेन आरा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर लगी रहती है। इसी बात का फायदा उठाकर परिजनों ने इस नवजात बच्ची को ट्रेन की सीट पर छोड़कर फरार हो गये। वहीं बच्ची मिलने की घटना ने एक बार फिर से कई सवाल खड़ा कर दिया है साथ ही आरा रेलवे स्टेशन की सुरक्षा पर भी कई सवाल उठने लगे है।