भोपाल। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि अवसर पर 17 अगस्त को महानाट्य राष्ट्रपुरुष अटल का मंचन होगा। कार्यक्रम नये रवीन्द्र भवन सभागार में होगा। यह पहला अवसर है जब भोपाल में अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन पर महानाट्य की प्रस्तुति हो रही है। लगभग 2 घंटे की इस प्रस्तुति का निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी प्रियंका शक्ति ठाकुर और महानाट्य का लेखन वरिष्ठ लेखिका एवं कथाकार रंजना चितले ने किया है। कार्यक्रम का आयोजन मप्र संस्कृति विभाग और स्वराज संस्थान संचालनालय की ओर से किया जा रहा है। इसकी प्रस्तुति प्रयास बहुउद्देशीय सामाजिक संस्था नागपुर के कलाकार देंगे।
25 से अधिक किताबों का किया अध्ययन
महानाट्य की लेखिका रंजना चितले ने बताया कि स्व. अटलजी के विशाल व्यक्तित्व को शब्दों में पिरोना मेरे लिये किसी चुनौती से कम नहीं था। जब मुझसे अटलजी पर महानाट्य तैयार करने की बात कही तो मैं उत्साहित थी क्योंकि अटलजी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर कार्य करना मेरे लिये गौरव की बात थी और मैंने तुरंत इसे लिखने की सहमति दे दी। धीरे-धीरे महानाट्य को लिखने की प्रक्रिया शुरू हुई, इस दौरान मैंने अटलजी से जुड़ी 25 से अधिक किताबों का अध्ययन किया, उनके यू-ट्यूब पर राजनीतिक रैलियों के वीडियोज देखे, उनके भाषण सुने, उनसे जुड़े लोगों से बातचीत की।
13वां शो है महानाट्य का
नाटक की निर्देशिका प्रियंका शक्ति ठाकुर ने बताया कि मुझे टेलीविजन पर जब भी मैं अटलजी को बोलते हुए सुनती तो उनकी औजस्वी शैली ने मुझे आकर्षित किया। बात वर्ष 2017-18 की है जब मेरे मन में पहली बार अटलजी पर महानाट्य तैयार करने का विचार आया। धीरे-धीरे मैंने उन्हें पूरी रूपरेखा बताई और उसके बाद धीरे-धीरे इस पर काम करना आरंभ किया। इसमें कई चुनौतियां भी आई तो उन चुनौतियों का हल मिलने पर एक खुशी का एहसास भी हुआ। प्रियंका कहती हैं कि यह महानाट्य का 13 शो है। उसके बाद से लगातार इस महानाट्य के शो देश के अलग-अलग राज्यों में निरंतर हो रहे हैं।
200 से अधिक कलाकार देंगे प्रस्तुति
प्रियंका शक्ति ठाकुर ने बताया कि लगभग ढ़ाई घंटे की इस प्रस्तुति में 200 से अधिक कलाकार मंच पर प्रस्तुति देंगे। उन्होंने बताया कि लाइट एंड साउंड शो की खास बात यह है कि इसमें अटलजी के प्रमुख भाषणों का संकलन, उनकी प्रमुख रैलियों और उनकी प्रमुख उपलब्धियों को मंच पर लगी एलईडी स्क्रीन पर दिखाया जाता है।











