छत्तीसगढ़ विधानसभा ने अनेक स्वस्थ परंपराओं व नियमों को स्थापित किया
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के विगत पांच साल का कार्यकाल बहुत चुनौती पूर्ण रहा। लेकिन सत्तापक्ष और विपक्ष ने मिलकर छत्तीसगढ़ के विकास के लिए काम किया। इस विधानसभा ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए है। कोविड महामारी के दौरान भी विधानसभा की कार्यवाही कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जारी रही। विगत 23 वर्ष के कार्यकाल मंे छत्तीसगढ़ विधानसभा ने अनेक स्वस्थ परंपराओं व नियमों को स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने विकास के अनेक सोपान गढ़े हैं। चाहे पक्ष हो या विपक्ष या अन्य दल के सदस्य हों सभी का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मिलकर काम करना है। सत्ता पक्ष ने विधानसभा में अनेक ऐसे प्रस्ताव लाए जो छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुए। विपक्ष के सदस्यों ने भी सत्ता पक्ष की कमजोरियों को उजागर करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि पिछले साढ़े चार सालों में छत्तीसगढ़ विधानसभा में संसदीय मूल्यों को संरक्षित रखते हुए छत्तीसगढ़ की श्रेष्ठता के लिए बेहतर कार्य किया। उन्होंने कहा कि इस विधानसभा में 18 प्रतिशत महिला विधायक है। विधानसभा के सभी सदस्यों ने जनसेवा को अपना ध्येय माना और संसदीय दायित्वों को बखूबी पूरा करने में योगदान दिया है। सभी सदस्यों ने संसदीय आचार, व्यवहार और संस्कृति को सीखा और मजबूती प्रदान की। नेता प्रतिपक्ष श्री चंदेल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। आभार प्रदर्शन संसदीय कार्यमंत्री श्री रविन्द्र चौबे द्वारा किया गया। राज्यपाल श्री हरिचंदन ने मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियो को स्मृति चिन्ह भेंट किया। राज्यपाल को भी विधानसभा द्वारा सम्मानित किया गया। पंडित उमादत्त शर्मा द्वारा संकलित एवं श्री झाबरमल्ल शर्मा द्वारा संपादित ‘‘भारतीय देश भक्तों की कारावास कहानी‘‘ पुस्तक का विमोचन राज्यपाल ने किया। इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष श्री संतराम नेताम, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक वर्तमान एवं पूर्व विधायक गण, विधायकगण, राज्यपाल के सचिव श्री अमृत खलखो, विधानसभा के सचिव श्री दिनेश शर्मा जनप्रतिनिधिगण एवं आमंत्रित अतिथिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस अवसर पर रिखी क्षत्री के दल द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।











