गौरतलब है कि एनजीटी के आदेशों का पालन करते हुए निगम अमले ने भदभदा बस्ती में बने 386 घरों को तोड़ दिया था। इसके साथ ही यहां से बेघर हुए परिवारों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वैकल्पिक आवास देने का वादा किया गया था। लेकिन इन परिवारों को अब तक आवास नहीं मिले हैं। वह किराए के घरों में रह रहे हैं।
इसी बीच शुक्रवार को नगर निगम का अमला तोड़े गए घरों का मलबा उठाने पहुंचा तो इसकी भनक परिवारों को लग गई। इससे महिला, बच्चों के साथ वह मौके पर पहुंच गए और हंगामा खड़ा कर दिया। उनकी मांग थी कि वर्षा का मौसम आने वाला है। प्रशासन उन्हें पहले मकान दे इसके बाद वह मलबा हटाने देंगे। इसकी जानकारी मिलते ही टीटीनगर एसडीएम अर्चना शर्मा भी मौके पर पहुंच गई थीं। उन्होंने परिवारों की मांग सुनी और उनको समझाइश दी। एसडीएम ने नगर निगम के अधिकारियों व बेघर परिवारों की तरफ से कुछ लोगों को सोमवार को चर्चा के लिए बुलाया है। उनकी सुनवाई करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।











