नवरात्रि के दौरान शहर में व्यावसायिक (पेड) गरबा आयोजनों और शुल्क लेकर युवक-युवतियों की एंट्री के खिलाफ हिंदूवादी संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। हिंदू जागरण मंच ने ऐसे आयोजनों को रोकने के लिए मुहिम शुरू की है।
इसी कड़ी में बुधवार रात संगठन के कार्यकर्ता तीन बत्ती स्थित शुभ बेकरी पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने दुकान पर लगे इवेंट के पोस्टर-बैनर फाड़ दिए और संचालक को ऐसे किसी आयोजन से दूर रहने की चेतावनी दी।
राजाराम रिसोर्ट में 13 से 15 अक्टूबर तक प्रस्तावित है आयोजन
आगामी 11 से 20 अक्टूबर तक नवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान 13 से 15 अक्टूबर तक राजाराम रिसोर्ट में ‘डांडिया बिट्स’ नाम से तीन दिवसीय कमर्शियल गरबा आयोजन प्रस्तावित है। इसमें शुभ बेकरी स्पॉन्सर के रूप में जुड़ी हुई थी। बेकरी के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से पास बिक्री के संदेश भेजे जा रहे थे और दुकान पर आयोजन के प्रचार पोस्टर भी लगाए गए थे।
15 मिनट बहस के बाद पोस्टर-बैनर फाड़े
कमर्शियल गरबा आयोजन की जानकारी मिलने के बाद हिंदू जागरण मंच की महिला विंग और युवा कार्यकर्ता शुभ बेकरी पहुंचे। उन्होंने संचालक को शुल्क आधारित या कमर्शियल इवेंट से दूर रहने की हिदायत दी।
इस दौरान संगठन के सदस्यों और बेकरी संचालक के बीच करीब 15 मिनट तक बहस हुई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने दुकान पर लगे पोस्टर-बैनर उखाड़कर फाड़ दिए। विरोध प्रदर्शन में रितेश माहेश्वरी, अर्जुन सिंह भदौरिया, नीलू चौहान और मनीषा पटवा सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
‘संस्कृति के नाम पर अश्लीलता बर्दाश्त नहीं’
हिंदूवादी नेता अर्जुन सिंह भदौरिया ने कहा कि नवरात्रि माता की भक्ति का पर्व है। आयोजक नौ दिनों तक माता की प्रतिमा स्थापित कर पारंपरिक गरबा कराएं, इसका स्वागत है। उन्होंने कहा कि टिकट आधारित व्यावसायिक आयोजनों के नाम पर फूहड़ता और अश्लीलता को महाकाल की नगरी उज्जैन में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि शहर में कहीं भी ऐसे व्यावसायिक गरबा आयोजन करने का प्रयास हुआ तो हिंदू संगठन उसका विरोध करेंगे और आयोजन बंद कराने के लिए कार्रवाई करेंगे।
