फरियादी रामदेवी कुर्मी निवासी कुमेड़ी काकड़ (बाणगंगा) ने पुलिस को बताया कि 30 जून को जानी और शाली उसके घर पर आए और नाम व धर्म के बारे में पूछा। घर में रखी भगवान शंकर और विष्णु की तस्वीर को देखकर आपत्तिजनक बातें कहीं। इससे मेरी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। इसकी सूचना स्वजन को दी। सोमवार शाम दोनों मेरे पड़ोसी गणेश के साथ घर आए और कहने लगे कि ईसाई धर्म अपनाओगे तो आपको सुविधाएं देंगे, पैसे देंगे, कर्ज माफ करवा देंगे और आपके परिवार में शादी करवा देंगे।
इसके अलावा बच्चों को बड़े स्कूल में पढ़ाई भी करवाने का प्रलोभन दिया। इस पर हमने परिचितों को फोन लगाकर जानकारी दी। आरोपितों के पास ईसाई धर्म के प्रचार की किताबें भी थीं। सभी ने मिलकर उन लोगों को पकड़ा और थाने लेकर पहुंचे। मामले में पुलिस जांच कर रही है।











