भदभदा क्षेत्र से झुग्गियां हटाने पर हाईकोर्ट ने फिलहाल लगाई रोक

भदभदा क्षेत्र से झुग्गियां हटाने पर हाईकोर्ट ने फिलहाल लगाई रोक
भोपाल। बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र से कब्जा हटाने को लेकर होने वाली अतिक्रमण की कार्रवाई फिलहाल नहीं होगी। दरअसल इस मामले में प्रतिवादियों को हाइकोर्ट से स्टे मिल गया है। जिससे यहां बने 350 से अधिक कच्चे और पक्के निर्माण का गिराने का खतरा टल गया। हालांकि शनिवार को होने वाली इस कार्रवाई के लिए नगर निगम आयुक्त पुलिस से मदद लेने के लिए पत्र भी लिखा था।


एनजीटी के आदेश पर निगम ने जारी किए थे नोटिस

बता दें कि भदभदा क्षेत्र में तालाब किनारे 33 मीटर दायरे में करीब 350 से ज्यादा कच्चे-पक्के निर्माण 33 मीटर एरिया में बने हुए हैं। जिनका सीवेज सीधे बड़े तालाब में पहुंचता है। इसको लेकर पूर्व में भी निगम द्वारा इस क्षेत्र में कार्रवाई की गई थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से इसे रोकना पड़ा था। अब एनजीटी के आदेश के बाद निगम ने इस क्षेत्र में कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किए थे, लेकिन रहवासियों ने यहां से कब्जा हटाने की बजाए कोर्ट की शरण ली। नतीजा हाईकोर्ट ने स्टे जारी कर दिया है।

हाईकोर्ट में नगर निगम रखेगा पक्ष

निगम अधिकारी अब इस स्टे का अवलोकन कर अपना पक्ष हाईकोर्ट में रखेंगे, इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। इससे पहले नगर निगम द्वारा बड़े तालाब, कलियासोत और केरवा डेम सहित अन्य जलाशयों में हुए अवैध निर्माण को तोडऩे के लिए चिन्हित करने का काम जोरशोर से कर रहे थे।

भदभदा का यह था मामला

एनजीटी में मामला उठने के बाद दिए गए फैसले के आधार पर 24 जुलाई को एनजीटी द्वारा दिए गए आदेश के आधार पर करीब 350 रहवासियों को 11 सितंबर को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद निगम द्वारा 20 सितंबर को एक बार फिर पुन: स्मरण पत्र 23 तारीख को कार्रवाई के लिए भेजा गया। इस आधार पर रहवासियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जबकि निगम द्वारा बड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस और जिला प्रशासन की मदद ली गई। इसी बीच स्टे आ गया। रहवासियों की तरफ से वकील के तौर पर आदित्य खांडेकर ने पैरवी की जबकि यह मामला हाईकोर्ट के जज विशाल मिश्रा की अदालत में इसकी सुनवाई हुई।
Advertisement