हिड़मा एंड कंपनी ने किया हमला जवानों को घेरने पोजिशन लेते दिखे नक्सली 3 जवान हुए हैं शहीद

हिड़मा एंड कंपनी ने किया हमला जवानों को घेरने पोजिशन लेते दिखे नक्सली 3 जवान हुए हैं शहीद

छ्त्तीसगढ़ में सुकमा-बीजापुर जिले की सीमा पर पुलिस और नक्सलियों के बीच कल हुई मुठभेड़ का ड्रोन वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में नक्सली कमांडर हिड़मा की कंपनी नंबर एक के नक्सली जवानों को घेरने के लिए पोजिशन लेते दिख रहे हैं। कैंप पर और सर्चिंग कर रहे जवानों पर हिड़मा के इशारे पर 300 नक्सलियों ने हमला किया है।

मुठभेड़ में 3 जवान शहीद हुए हैं, जबकि 14 घायल हैं। 6 नक्सलियों के मारे जाने का पुलिस ने दावा किया है। जगरगुंडा के जिस टेकलगुड़ा में फोर्स ने नया कैंप खोला है वहां से महज 3 से 4 किमी की दूरी पर ही नक्सली कमांडर हिड़मा का गांव पूवर्ती है। यह पूरा इलाका हिड़मा के वर्चस्व का है।

हिड़मा के साथ 300 से लेकर 500 लाल लड़ाके

नक्सली कमांडर हिड़मा की कंपनी नंबर 1 यहां सक्रिय है, जिसमें 300 से लेकर 500 लाल लड़ाके हैं। इनके पास आधुनिक हथियार, गोला-बारूद बड़ी मात्रा में हैं। 30 जनवरी को फोर्स हिड़मा के इसी टेकलगुड़ा इलाके को अपने कब्जे में लेने के लिए अचानक पहुंची और नक्सलियों से सामना हो गया।

ऐसे हुआ हमला
हिड़मा के इलाके में कैंप बनाने की प्लानिंग पिछले कई महीनों से चल रही थी। 30 जनवरी को फोर्स पूरी प्लानिंग के साथ कैंप का सामान लेकर टेकलगुड़ा पहुंची और कैंप स्थापित किया। कुछ जवान इलाके की सर्चिंग के लिए निकले। हिड़मा को इसकी जानकारी मिल गई।

इसके बाद हिड़मा के इशारे पर उसकी कंपनी नंबर 1 ने जवानों को घेरने की रणनीति बनाई। हालांकि, पुलिस ने इलाके में ड्रोन कैमरे भी उड़ाए। जिसमें नक्सली जवानों को घेरने के लिए पोजिशन लेते दिखे। जवान संभल पाते इससे पहले ही नक्सलियों ने हमला कर दिया।

इसमें कोबरा बटालियन के 3 जवान शहीद हो गए और 14 जवान घायल हो गए। हालांकि, पुलिस ने दावा किया है कि, दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में 6 नक्सली भी ढेर हुए हैं, जिनके शवों को नक्सली अपने साथ लेकर चले गए हैं। फिलहाल, कैंप स्थापित कर दिया गया है।

 हिड़मा को घेरने की है तैयारी
कुछ महीने पहले बस्तर पुलिस ने एक मैप तैयार किया था, जिसमें बस्तर के अलग-अलग जगह कैंप खोलने और नक्सली कमांडर को घेरने की स्ट्रैटजी थी।  नक्सली कमांडर हिड़मा पुलिस से कुछ ही कदम की दूरी पर है। अब टेकलगुड़ा में कैंप खुलने के बाद नक्सली यहां से भी बैकफुट पर होंगे।

जानिए कौन है माड़वी हिड़मा ?

बस्तर के पुर्वती गांव का रहने वाला माड़वी हिड़मा ने गांव के ही प्राथमिक स्कूल में पढ़ाई की है। उस वक्त इलाके में सक्रिय एक नक्सली ने हिड़मा की एक्टिविटी देख कर उसे संगठन के बाल संघम में भर्ती किया था। हिड़मा की आगे की पढ़ाई नक्सली स्कूल में ही हुई। हिड़मा के फुर्तीले शरीर को देखते हुए नक्सलियों ने इसे अपने LOS ग्रुप में शामिल किया था। हिड़मा की बनाई योजना में माओवादियों को कई कामयाबी भी मिली।

नारायणपुर, बीजापुर, गढ़चिरौली क्षेत्र में कई सालों तक सक्रिय था। फिर बड़े लीडरों ने कोंटा एरिया कमेटी के जॉइंट प्लाटून का कमांडर बनाया था। वहीं 2007 से लेकर 2021 तक इसने कई बड़ी नक्सल घटनाओं को अंजाम दिया। साथ ही वर्तमान में यह नक्सलियों की मिलिट्री बटालियन नंबर 1 का कमांडर और DKSZC मेंबर भी है। इस पर 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है।

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के टेकलगुड़ेम में मंगलवार को हुए नक्सली हमले में 3 जवान शहीद हो गए। जबकि 14 जवान घायल हुए। जगदलपुर से घायल जवानों को रायपुर के श्री नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीएम विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने घायलों से मिलकर हालचाल जाना। बस्तर आईजी पी सुंदरराज का दावा है कि जवाबी कार्रवाई में 6 नक्सली भी मारे गए हैं। 

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