बीयू की परीक्षाओं में सामने आ रहे नकल के हाईटेक मामले, 26 विद्यार्थियों की पूरी परीक्षा निरस्त

बीयू की परीक्षाओं में सामने आ रहे नकल के हाईटेक मामले, 26 विद्यार्थियों की पूरी परीक्षा निरस्त
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में यूजी व पीजी के प्रथम व द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं में नकल के कई हाईटेक मामले सामने आ रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा मोबाइल से नकल की गई है। इसके अलावा स्मार्ट वाच, ब्लू्टूथ, मोजे में पर्चियां, रूमाल और उत्तरपुस्तिकाओं के पेज में लिखकर भी नकल करना पाया गया है। वहीं, कुछ प्रकरणों में पर्चियों से नकल करते हुए विद्यार्थी पकड़े गए। बीयू ने नकल पर अंकुश लगाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा तीन उड़नदस्ते तैयार किए हैं।


100 से ज्यादा विद्यार्थियों पर नकल प्रकरण दर्ज

उड़नदस्तों की टीम ने अब तक 100 से ज्यादा विद्यार्थियों पर नकल प्रकरण दर्ज किए हैं। साथ ही परीक्षाओं पर नियंत्रण रखने के लिए परीक्षा नियंत्रण कक्ष भी प्रत्येक वर्ष की भांति बनाया गया है। परीक्षा नियंत्रण कक्ष द्वारा उड़नदस्तों को विशेष तौर पर नकल प्रकरणों के साथ-साथ परीक्षा केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं एवं प्रश्नपत्र के रखरखाव से संबंधित सभी अभिलेखों की जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

पिछले साल की तुलना में कम प्रकरण

इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में कम नकल प्रकरण बने हैं। अब तक जितने भी नकल प्रकरण बने हैं, उन पर विवि यूएफएम समिति द्वारा जांच की गई और प्रत्येक प्रकरण के स्थिति के आधार पर निर्णय लिया गया है। हालांकि, नकल प्रकरणों की संख्या कम हो रही है। वर्ष 2022 में 934 मामले और 2023 में 254 नकल प्रकरण के मामले दर्ज किए गए।

इस तरह की कार्रवाई की गई

विवि की विभिन्न परीक्षाओं में उड़नदस्तों द्वारा करीब 100 विद्यार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया था, इसमें पकड़े गए विद्यार्थियों के प्रकरणों पर विवि समिति द्वारा प्रकरणों की गंभीरता एवं नकल में संलिप्तता के आधार पर कार्रवाई की गई, इसमें 60 विद्यार्थियों की संबंधित विषय की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। 11 विद्यार्थियों का केवल पेपर निरस्त किया गया है, जिसमें वह परीक्षा दे रहे थे। वहीं, अति गंभीर प्रवृत्ति के 26 नकल प्रकरण ऐसे हैं, जिसमें विद्यार्थियों की सभी विषयों की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। इसमें सिर्फ तीन विद्यार्थी ऐसे पाए गए हैं, जिनके ऊपर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।

उड़नदस्तों की सतत निगरानी एवं विश्वविद्यालय परीक्षा पर किए जा रहे नियंत्रण के कारण इस परीक्षा में नकल प्रकरणों की संख्या अपेक्षाकृत कम पाई गई। - प्रो. पवन मिश्रा, प्रभारी परीक्षा नियंत्रण कक्ष एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण, बीयू

Advertisement