परवीन बाबी को देखती रह गई थीं उनकी डरी-सहमी बुजुर्ग मां, पलंग और दीवार के बीच चाकू लिए दुबकर बैठी थी बेटी

परवीन बाबी को देखती रह गई थीं उनकी डरी-सहमी बुजुर्ग मां, पलंग और दीवार के बीच चाकू लिए दुबकर बैठी थी बेटी
बॉलीवुड हमेशा से अपने दो तरह के चेहरों को लेकर चर्चा में रही है। एक तरफ जहां पर्दे पर ग्लैमर से भरी खूबसूरत दुनिया होती है वहीं पर्दे के पीछे कुछ ऐसी जिंदगियां होती हैं जिसका सच रूह कंपा देने वाली है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद हमने फिल्मी दुनिया के बारे में और भी बहुत कुछ सुना, लेकिन सच ये है कि ये किस्सा बरसों पुराना है। कभी परवीन बाबी के निधन की खबर और उससे जुड़े जो राज सामने आए वो दिल दिहलाने के लिए काफी थे। जब पर्दे पर वह एक्टर्स के साथ अपने हुस्न का जादू चलाया करती थीं, जिसके दीवाने लाखों करोड़ों लोग थे उनके लिए शायद किसी ने सोचा नहीं होगा कि वबह अपनी पर्सनल लाइफ में इस तरह अकेली होंगी कि मौत के वक्त पानी पूछने वाला भी उनके पास कोई नहीं होगा।ल्मी दुनिया में ये नाम, शोहरत, पैसे और आसपास की चकाचौंध तब बदतर हो जाती है जब किसी सितारे को रियल लाइफ के ऐसे अंधकार से गुजरना पड़े जहां उनके पास अपना कहने के लिए एक भी शख्स न हो। परवीन बाबी के निधन ने ऐसे ही राज उगले थे। आज 4 अप्रैल की परवीन की बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनसे जुड़ा वो किस्सा जब बेटी परवीन को देखकर उनकी मां खुद डर गई थीं।

परवीन की लाश बेड पर, सबसे अधिक सड़न उनके पैरों में थी

परवीन एज रिवेरा बिल्डिंग, जुहू के अपार्टमेंट में रहती थीं, जहां पिछले कई दिनों से दूध और अखबार यूं ही पड़ा रहा, पड़ोसियों को शक हुआ और दरवाजे के करीब जाने पर अंदर से सड़न की बदबू आ रही थी। पुलिस को जानकारी दी गई और जब दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का सीन भयानक था। परवीन की लाश बेड पर थी और सबसे अधिक सड़न उनके पैरों में थी। उनके बेड के करीब वीलचेयर पड़ा था, न कोई रिश्तेदार और न कोई अपना उनके आसपास भी था। उनके पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता लगा कि उनके शरीर में खाने का कोई भी अंश नहीं। बताया गया कि संभवत: उन्होंने पिछले 3-4 दिनों से कुछ भी नहीं खाया था और भूख के कराण शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया।
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