भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं BJP सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में आज, यानी शुक्रवार को, दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले की पिछली सुनवाई 7 फरवरी को हुई थी, जिसमें एडिशनल मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट प्रियंका राजपूत ने अगली तारीख 16 फरवरी दी थी।
सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह की ओर से इस मामले में आरोप मुक्त करने की मांग की गई है। उनके वकील ने कोर्ट से कहा था कि अपराध की सूचना देने में काफी देरी की गई। शिकायतकर्ता के बयानों में काफी विरोधाभास है। इससे पहले बृजभूषण के वकील ने कहा था कि विदेश में हुई घटना इस कोर्ट के क्षेत्राधिकार में नहीं आती।
वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता के साथ टोक्यो, मंगोलिया, बुल्गारिया, जकार्ता, कजाकिस्तान, तुर्की, आदि देशों में घटना हुई। ऐसे में मुकदमा चलाने के लिए संबंधित अथॉरिटी से इजाजत लेनी होती है। इस साल 23 जनवरी को महिला पहलवानों ने ओवरसाइट कमेटी के गठन और उसकी जांच पर सवाल उठाया था।
पहलवानों के वकील बोले- महिलाओं की सांस पुरुष चेक नहीं कर सकते
महिला पहलावानों की ओर से वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने कहा था कि ओवरसाइट कमेटी का गठन प्रोटेक्शन ऑफ वुमन फ्रॉम सेक्सुअल हैरेसमेंट एक्ट (पॉश) के प्रावधान के अनुरूप नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि ओवरसाइट कमेटी आंतरिक शिकायत निवारण कमेटी नहीं है।
ऐसे में ओवरसाइट कमेटी की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का पर्याप्त आधार है। जॉन ने कहा कि महिला पहलवान की सांस चेक कोई महिला ही कर सकती है, कोई पुरुष नहीं। बृजभूषण पर आरोप हैं कि वह महिला पहलवानों की सांस चेक करने के बहाने टी-शर्ट उठाकर देखते थे।
पुलिस बोली- सुनवाई का अधिकार दिल्ली की कोर्ट को है
अतिरिक्त मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट प्रियंका राजपूत के समक्ष दिल्ली पुलिस ने भी दलील रखी। कहा कि बृजभूषण सिंह द्वारा कथित तौर पर देश-विदेश में की गई यौन शोषण की घटनाएं इसी अपराध का हिस्सा हैं। भले ही कुछ घटनाएं विदेश में हुईं, लेकिन मामले की सुनवाई का अधिकार दिल्ली की कोर्ट को है।
बता दें कि पुलिस ने पिछले साल 15 जून को बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
इन धाराओं में लगाए थे आरोप
दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धारा 354, 354-A, 354-D और 506 के तहत आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर पहली बार 18 जनवरी 2023 को रेसलर बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट सहित 30 से ज्यादा पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन किया था।
कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की थी FIR
खेल मंत्रालय की दखल के बाद पहलवानों ने विरोध-प्रदर्शन खत्म कर दिया था। मामले में एक जांच कमेटी भी बनाई गई थी। लेकिन, अप्रैल में एक बार फिर पहलवानों द्वारा विरोध-प्रदर्शन शुरू करने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। पहलवान मामले में FIR दर्ज कराने के लिए कोर्ट पहुंच गए थे। कोर्ट के आदेश पर ही दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की थी।











