भोपाल। राजधानी के जेपी अस्पताल में किस कदर बदइंतजामी का आलम है, इसका एक नमूना हाल ही में सामने आया। यहां पर मेडिकल स्टाफ एक मरीज की मौत होने के बाद उसका शव मर्चुरी में रखकर भूल गया। शवगृह में तीन दिन तक शव रखा रहा और इस दौरान वहां पंखा चलता रहा। जब शव से बदबू फैलकर बाहर तक आने लगी, तो मरीजों ने आपत्ति जताई। मरीजों की शिकायत के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया और आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई।
शुक्रवार को हुई थी अज्ञात मरीज की मौत
जानकारी के अनुसार अज्ञात व्यक्ति को बेहोशी की स्थिति में 31 अगस्त को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल लाया गया था। शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल स्टाफ द्वारा शव को इमरजेंसी वार्ड से सटे शव गृह में रख दिया गया था। एक मरीज ने बताया कि वह रविवार शाम तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती हुए थे। उस समय शवगृह से तेज बदबू आ रही थी। इसकी शिकायत जब ड्यूटी डाक्टर और मौजूद स्टाफ से की तो उन्होंने कहा कि आप अभी आए हो, हम सुबह से यही झेल रहे हैं। अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि पूरे कारिडोर में दुर्गंध फैल रही थी।
शव को जीएमसी मर्चुरी भेजा
इधर, पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जेपी अस्पताल से सोमवार को एक अज्ञात व्यक्ति की मौत की सूचना दी गई थी। अज्ञात व्यक्ति अशोका गार्डन मंडी के पास गंभीर अवस्था में मिला था। ऐसे एंबुलेंस के जरिए उसे जेपी अस्पताल भेजा गया था। तीन दिन पहले उसकी मौत हो गई थी, लेकिन सूचना सोमवार को दी गई, वह भी तब जब मरीजों ने बदबू फैलने की शिकायत की। पुलिस ने बताया कि शव को जीएमसी स्थित मर्चुरी भेज दिया गया है।