अब तो टमाटर-मिर्च की चटनी बनाना भी भारी पड़ रहा है। लहसुन के मूल्य ने पहले ही उपभोक्ता का चेहरा सफेद किया हुआ है। चटनी में उपयोग की जाने वाली अन्य सब्जियों के मूल्य में भी तेजी आई है।
प्याज पहले ही अपनी कीमत की सीमा लांघ चुका था। अब आलू भी प्याज के रास्ते की ओर चलने आगे बढ़ रहा है। शिमला मिर्च, फ्रांसबीन जैसी सब्जियों के दाम तो फल पर भी भारी पड़ रहे है।
एक महीने में दो गुना हो गए दाम
- मौसम और महंगाई की मार ने एक आम आदमी की थाली से सब्जियां गायब ही कर दी हैं। अभी राहत की उम्मीद भी नहीं है।
- एक माह पूर्व तक टमाटर, आलू, प्याज सामान्य दर पर थे। टमाटर को 20 से 30 रुपये किलोग्राम के मूल्य पर उपलब्ध था।
- प्याज 40 रुपये से नीचे था। लौकी, गिलकी 15 से 25 रुपये किलो मिल रही थी। 10 रुपये में 10 वाला नींबू ढूंढे नहीं मिल रहा।
- पत्ता गोभी, भिंडी, बरबटी भी 25 से 30 रुपये की दर से बिक रही थी। सभी सब्जियों के मूल्य अब लगभग दो गुने हो चुके हैं।
- सबसे अधिक मूल्य वृद्धि अदरक, लहसुन, हरी धनिया में हुई। बाजार से घर के सामने ठेले तक आने में सब्जियों और महंगी हो रही।
सब्जियों का मूल्य प्रति किलो में
- आलू: 30 से 50 रुपए
- प्याज: 40 से 60 रुपए
- टमाटर: 25 से 50 रुपए
- धनिया: 200 से 400 रुपए
- मिर्च: 60 से 120 रुपए
- लहसुन: 300 से 400 रुपए
- अदरक: 100 से 150 रुपए
- शिमला मिर्च: 70 से 80 रुपए
- फ्रांसबीन: 100 से 120 रुपए
- पत्ता गोभी: 40 से 60 रुपए
- फूल गोभी: 30 से 50 रुपए
- खीरा: 25 से 40 रुपए
- लौकी: 20 से 40 रुपए
- तुरई: 40 से 50 रुपए
- अरवी: 50 से 80 रुपए
- करेला: 35 से 50 रुपए
- तोरई: 20 से 50 रुपए











