सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शोध एवं विकास हेतु गोवा एवं छत्तीसगढ़ के मध्य शीघ्र होगा एमओयू - प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा
संग्रहालय भ्रमण के उपरांत टीआरआई के सभागार में एक संक्षिप्त बैठक का भी आयोजन किया गया, जिसमें दोनों राज्यों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा द्वारा पीपीटी के माध्यम से दोनों संग्रहालयों के निर्माण कार्य, उनकी विशेषताओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गोवा एवं छत्तीसगढ़ के मध्य शीघ्र ही एक एमओयू किया जाएगा, जिससे जनजातीय संग्रहालय निर्माण, जनजातीय शोध, विकास सांस्कृतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग स्थापति हो सकेगा। बैठक में संस्थान की संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम ने जनजातीय संस्कृति के क्षेत्र में बन रहे ट्राईबल फोक म्यूजिक स्टूडियो सुरगुड़ी पर जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय शौर्य को प्रदर्शित करता शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय का लोकार्पण राज्योत्सव के समय 01 नवंबर 2025 को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर कमलों से हुआ था, जबकि छत्तीसगढ़ अदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण मई 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कर कमलों से हुआ। इनके लोकार्पण के बाद इन्हें आमजन हेतु खोल दिया गया है। अब तक लगभग 02 लाख से अधिक पर्यटकों, शोधार्थियों, विशेषज्ञों द्वारा इसका भ्रमण किया जा चुका है। भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी, 2026 के अवसर पर आयोजित परेड में शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय की प्रतिकृति को प्रदर्शित किया गया। इससे छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में जनजातीय वीर नायकों की अमर गाथाओं, उनकी देश भक्ति, अदम्य साहस और बलिदान की परंपरा को नई पीढ़ी को जानने समझने का अवसर राष्ट्रीय मंच पर प्राप्त हुआ।











