भोपाल। जहांगीराबाद इलाके में सोमवार देर रात 28 वर्षीय छात्रा ने खुद को आग लगाकर जान दे दी। उसने यह कदम तब उठाया, जब उसके पिता, मां और भाई पिता की दुकान पर थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि युवती काफी समय से नौकरी न मिलने के कारण मानसिक रूप से परेशान थी और उसका डिप्रेशन का इलाज भी चल रहा था।
नौकरी न मिलने से डिप्रेशन में थी
जहांगीराबाद थाना प्रभारी अजय तिवारी ने बताया कि पिंकी साहू (28) कुम्हारपुरा जिंसी में अपने स्वजनों के साथ रहती थी। उसके पिता किराना दुकान चलाते हैं। वह तीन बहनों में सबसे छोटी थी और उससे छोटा एक भाई है। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी, लेकिन उसकी नौकरी नहीं मिल पा रही थी। इस कारण से वह कुछ समय से डिप्रेशन में चल रही थी। स्वजन एक मनोचिकित्सक से उसका इलाज करवा रहे थे।
पड़ोसियों ने आग की लपटें उठती देख दी सूचना
सोमवार रात छात्रा घर पर अकेली थी। पिता और भाई दुकान पर गए थे। इसी दौरान अचानक ने उसने घर में खुद को आग लगा ली। जब घर से आग लपटें पड़ोसियों ने देखी तो युवती के पिता और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने युवती का शव बरामद कर पोस्टमार्टम कराकर स्वजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस का कहना है कि अभी गमजदा होने के कारण स्वजनों के बयान दर्ज नहीं हो पाए और उनके बयान होने के बाद युवती द्वारा आत्मदाह करने का कारण और स्पष्ट हो जाएगा।