भोपाल। शहर में कलात्मक, सांस्कृतिक, सामाजिक, खेल, धार्मिक आदि गतिविधियों का सिलसिला चलता रहता है। शनिवार 11 नवंबर को भी शहर में ऐसी अनेक गतिविधियों का आयोजन होने जा रहा है, जिनका आप आनंद उठा सकते हैं। यहां हम कुछ ऐसे ही चुनींदा कार्यक्रमों की जानकारी पेश कर रहे हैं, जिसे पढ़कर आपको अपनी दिन की कार्ययोजना बनाने में आसानी होगी।
थेवा ज्वेलरी उत्सव - जवाहर चौक स्थित मृगनयनी कबीरा एंपोरियम में थेवा ज्वेलरी उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कांच की एक शीट पर जटिल रूप से तैयार किए गए सोने को उभारकर गहने बनाने की कला को थेवा के नाम से जाना जाता है। इन ज्वेलरी को मंदसौर जिले शिल्पी राकेश सोनी लेकर आए हैं जिन्होंने 24 कैरेट सोने से बेल्जियम ग्लास पर नक्कासी की है, जिसमें मोर एवं परंपरागत कुंदन, हार आदि पर डिजाइनों की आकर्षक ज्वेलरी है। समय सुबह दस बजे से शाम आठ बजे तक ।
चित्र प्रदर्शनी - मप्र जनजातीय संग्रहालय में प्रदेश के आदिवासी समुदाय के चित्रकारों की चित्र प्रदर्शनी हर माह लिखंदरा दीर्घा में लगती है। किसी एक जनजातीय चित्रकार की प्रदर्शनी सह विक्रय का संयोजन शलाका नाम से किया जाता है। इसी क्रम में इस माह भील समुदाय के चित्रकार दिलीप गणावा के चित्रों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। 43वीं शलाका चित्र प्रदर्शनी 30 नवंबर तक जारी रहेगी।
माह का प्रादर्श - मानव संग्रहालय के अंतरंग भवन वीथि संकुल में नवंबर माह के प्रादर्श के रूप में इंडोनेशिया में छाया रंगमंच के सबसे पुराने और लोकप्रिय कला वेयांग कुलित : रामा व लक्ष्मण को शामिल किया है, जिसे वर्ष 1998 में संकलित किया गया था। इस प्रादर्श का संयोजन संग्रहालय एसोसिएट डा. पी. अनुराधा ने किया है। इस प्रदर्शनी को सुबह 11 बजे से देखा जा सकता है।
पारंपरिक तकनीकी प्रदर्शनी - इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय द्वारा पारम्परिक तकनीकी मुक्ताकाश प्रदर्शनी में आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड के लोक एवं जनजातीय कलाकारों द्वारा पारंपरिक तकनीकी ज्ञान का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी को सुबह 11 बजे से रात आठ बजे तक देखा जा सकता है।











