भोपाल में 'जेन-अल्फा' का सड़क पर प्रदर्शन, बस न रुकने से नाराज स्कूली बच्चों ने चौराहे पर रोकी बस

भोपाल में 'जेन-अल्फा' का सड़क पर प्रदर्शन, बस न रुकने से नाराज स्कूली बच्चों ने चौराहे पर रोकी बस
भोपाल। प्रदेश में 'जेन जी' के बाद अब 'जेन-अल्फा' भी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने लगी है। राजधानी के शासकीय सांदीपनि ठाकुर लाल सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्कूल बस के निर्धारित स्टॉप पर नहीं रुकने से नाराज होकर कुल्होर चौराहे पर बस को रोककर प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का कहना था कि बस चालक रोजाना इस स्टॉप पर बस नहीं रोकता, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शन का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सीएम मोहन यादव ने हाल ही में कहा था 'जेन-अल्फा'

हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैरसिया में करीब 50.74 करोड़ रुपये की लागत से बने शासकीय सांदीपनि ठाकुर लाल सिंह उमावि के लोकार्पण कार्यक्रम में नई पीढ़ी को 'जेन-अल्फा' बताते हुए कहा था कि 10 से 12 वर्ष आयु वर्ग के ये बच्चे देश का भविष्य तय करेंगे।

किसे कहते है 'जेन अल्फा'?

'जेन अल्फा' (Generation Alpha) साल 2010 से 2024 के बीच पैदा हुए बच्चों की पीढ़ी को कहा जाता है, जो पूरी तरह से 21वीं सदी में जन्मे हैं। यह इतिहास की पहली ऐसी पीढ़ी है जो बचपन से ही स्मार्टफोन, AI और डिजिटल तकनीक के माहौल में बड़ी हो रही है।

लोकार्पण के कुछ ही दिनों बाद सड़क पर उतरे बच्चे

मुख्यमंत्री के इस बयान के कुछ ही दिनों बाद विद्यालय के बच्चों ने अपनी बस सुविधा न मिलने को लेकर विरोध प्रदर्शन कर दिया। प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही विद्यालय के प्राचार्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से चर्चा कर उनकी शिकायतें सुनीं और बस संचालन व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हो गया।

मौके पर अभिभावक भी रहे मौजूद, नियमित बस न रुकने का लगाया आरोप

विद्यार्थियों और अभिभावकों का आरोप है कि कुल्होर चौराहे पर बस नियमित रूप से नहीं रुकती और कई बार बच्चों को बस में बैठाए बिना ही आगे बढ़ जाती है। इससे विद्यार्थियों को रोजाना स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर छात्र-छात्राएं बस के सामने खड़े हो गए और उसे आगे नहीं बढ़ने दिया। मौके पर बड़ी संख्या में अभिभावक भी मौजूद रहे।

1800 विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं सिर्फ 11 बसें, 700 बच्चों को ही मिल पा रही सुविधा

विद्यालय में नर्सरी से 12वीं तक करीब 1800 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनके परिवहन के लिए केवल 11 स्कूल बसें संचालित की जा रही हैं। इन बसों से करीब 700 विद्यार्थियों को ही परिवहन सुविधा मिल रही है। ऐसे में कई मार्गों पर बसों के संचालन और स्टॉपेज को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।


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