यहां रविवार को ब्लैक थीम पर गरबा खेला गया। मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की आरती के बाद प्रतिभागी गरबा खेलने जैसे ही पंडाल में उतरे, पूरा वातावरण माता की भक्ति और गरबों के गीतों से सराबोर हो उठा। पारंपरिक गुजराती गीतों पर उत्साह के साथ गरबा किया।
डाकला रही विशेष प्रस्तुति
रविवार को हुए गरबा महोत्सव में प्रतिभागियों ने डाकला की विशेष प्रस्तुति दी। विशेष गुजराती गीतों पर डाकला की प्रस्तुति दी जाती है। इसकी स्टेप्स भी काफी फास्ट होती है।
बच्चे अलग घेरे में खेलते हैं
यहां बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है। बच्चे अलग घेरे में खेलते हैं। हमें काफी पहले से ट्रेनिंग भी दे दी जाती है। यह यहां के गरबे की खास बात है। -क्रिशिव शाह
गुजराती परंपरा और गीतों पर गरबा
मैं यहां पहली बार गरबे खेलने आया हूं। यहां की गुजराती परंपरा और गीतों पर होने वाले गरबे मुझे काफी पसंद हैं। - सिद्धांत जैन
गुजराती गीतों पर गरबा
रास उल्लास गरबा महोत्सव के गरबे में फिल्मी गीत शामिल नहीं किए जाते। यहां गुजराती गीतों पर ही गरबे होते हैं, जो यहां की विशेष खासियत है। - पर्व डागलिया
परिवार के साथ गरबा खेलने का आनंद
यहां का माहौल पूरा पारिवारिक होता है। परिवार के साथ यहां गरबे खेलने में आनंद आता है। - रिदम खंडेलवाल











