जरिया थाना क्षेत्र के बंधौली गांव निवासी अरुण कुमार पुत्र बाबूराम ने शिकायती प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके नाम की भूमि व आधार कार्ड का गलत उपयोग किया गया। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक खेड़ा शिलाजीत के बैंक मैनेजर ने किसी दूसरे व्यक्ति को किसान क्रेडिट कार्ड फर्जी तरीके से जारी कर 11 जुलाई को 1.52 लाख रुपयें का भुगतान कराया गया। जिलाधिकारी ने एसडीएम सरीला एवं एलडीएम हमीरपुर से जांच कराई। जिसमें पाया गया कि किसी अन्य अरुण कुमार ने कूटरचित तरीके से वास्तविक अरुण कुमार पुत्र बाबूराम के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड बना कर तथा उन्हीं की वास्तविक खतौनी एवं खसरा सीएचसी से निकलवाकर शाखा में प्रस्तुत कर ऋण प्राप्त करने में सफल हो गए थे।
यूपी ग्रामीण बैंक में फर्जीवाड़ा का खेल, जांच में हुआ खुलासा तो DM-SDM भी चकरा गए, केस दर्ज
पंकज मिश्रा, हमीरपुरः उत्तर प्रदेश में हमीरपुर के ग्रामीण बैंक में फर्जीबाड़ा का बड़ा खेल खेला गया है। एक किसान की शिकायत पर एसडीएम व एलडीएम से कराई जांच में बैंक का कारनामा सामने आया है, जिस पर डीएम घनश्याम मीना के आदेश के बाद आज थाने में बैंक मैनेजर व सर्वेयर समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं इस कार्रवाई से बैंक में हड़कंप मचा हुआ है।
जरिया थाना क्षेत्र के बंधौली गांव निवासी अरुण कुमार पुत्र बाबूराम ने शिकायती प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके नाम की भूमि व आधार कार्ड का गलत उपयोग किया गया। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक खेड़ा शिलाजीत के बैंक मैनेजर ने किसी दूसरे व्यक्ति को किसान क्रेडिट कार्ड फर्जी तरीके से जारी कर 11 जुलाई को 1.52 लाख रुपयें का भुगतान कराया गया। जिलाधिकारी ने एसडीएम सरीला एवं एलडीएम हमीरपुर से जांच कराई। जिसमें पाया गया कि किसी अन्य अरुण कुमार ने कूटरचित तरीके से वास्तविक अरुण कुमार पुत्र बाबूराम के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड बना कर तथा उन्हीं की वास्तविक खतौनी एवं खसरा सीएचसी से निकलवाकर शाखा में प्रस्तुत कर ऋण प्राप्त करने में सफल हो गए थे।
जरिया थाना क्षेत्र के बंधौली गांव निवासी अरुण कुमार पुत्र बाबूराम ने शिकायती प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके नाम की भूमि व आधार कार्ड का गलत उपयोग किया गया। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक खेड़ा शिलाजीत के बैंक मैनेजर ने किसी दूसरे व्यक्ति को किसान क्रेडिट कार्ड फर्जी तरीके से जारी कर 11 जुलाई को 1.52 लाख रुपयें का भुगतान कराया गया। जिलाधिकारी ने एसडीएम सरीला एवं एलडीएम हमीरपुर से जांच कराई। जिसमें पाया गया कि किसी अन्य अरुण कुमार ने कूटरचित तरीके से वास्तविक अरुण कुमार पुत्र बाबूराम के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड बना कर तथा उन्हीं की वास्तविक खतौनी एवं खसरा सीएचसी से निकलवाकर शाखा में प्रस्तुत कर ऋण प्राप्त करने में सफल हो गए थे।











