भोपाल। गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक कारखाने में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में इस आग ने तीन अन्य फैक्ट्रियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। ये सभी फैक्ट्रियां एक ही परिसर में थी। देखते ही देखते ये चारों जलकर राख हो गई। इधर दीपावली की रात शहर में 30 से अधिक स्थानों पर आग लगी, ऐसे में रात भी दमकलें इधर से उधर सड़कों पर दौड़ती रही।
नगर निगम के फायर आफीसर रामेश्वर नील ने बताया कि गोविंदपुरा की चार फैक्ट्रियों में आग लगने की सूचना कंट्रोल रुम में साेमवार दोपहर 12 बजे पहुंची। सूचना मिलते ही गोविंदपुरा, फतेहगढ़, छोला सहित अन्य फायर स्टेशनों से दमकलों को रवाना किया गया। आग को काबू करने में करीब पांच घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। शाम करीब पांच बचे आग काबू में आई, लेकिन पूरी तरह नहीं बुझाई जा सकी। क्योंकि आग के ऊपर टीनशेड गिर गया, जिससे वहां तक पानी नहीं पहुंच रहा और आग अंदर धधक रही है। ऐसे में रात में चार दमकलें वहां आगे बुझाने के लिए लगाई गई है। इसमें एक दर्जन कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
दो किमी दूर से दिखा धुआं, 60 फीट ऊंची उठी लपटें
फैक्ट्रियों में लगी आग इतनी भीषण थी कि धुआं करीब दो किमी दूर से नजर आ रहा था। जबकि आग की लपटें 50 से 60 फीट ऊंची थी। तपिश की वजह से फायर कर्मियों को आग के करीब जाने में दिक्कत हो रही थी। पहले पानी की बौछार कर आग को कम किया गया उसके बाद करीब जाकर आग पर काबू पाया गया। फायर फाइटर्स ने बताया कि केमिकल, प्लाई, फर्नीचर लकड़ी और गत्ता बड़े पैमाने पर स्टाक होने की वजह से आग भयानक होती जा रही थी। आग को काबू करने के बाद भी रह-रह कर आग भड़क रही थी।
मेडिकल वेस्ट गोदाम में लगी आग, दीवार तोड़कर पाया काबू
इधर रविवार को दिवाली की रात चंदनवाड़ी छोला स्थित मेडिकल वेस्ट की एक फैक्टरी में देर रात तक आग लगी। फैक्टरी रहवासी इलाके में होने से खतरा बढ़ गया। निगम के फायर फाइटर पंकज यादव ने बताया कि फैक्टरी के आसपास आठ से 10 झुग्गियां थीं। आग बढ़ने से जनहानि भी हो सकती थी। इसलिए झुग्गियों को खाली कराया गया। ताकि, लोग सुरक्षित रहे। वहीं, फैक्टरी की दीवार को जेसीबी से तोड़ा गया। इसके बाद मेडिकल वेस्ट को अलग-अलग करके आग पर काबू पाया गया। सुबह 4 बजे तक छोला, फतेहगढ़ और बैरागढ़ फायर स्टेशन के 25 से अधिक कर्मचारी आग बुझाने में लगे रहे।
कोलार रोड में बाइक शोरूम में आग, 2 एक्टिवा जली
कोलार रोड पर बंजारी के पास बीजीएस होंडा शोरूम में रात सवा 12 बजे आग लग गई। फायर फाइटर पंकज खरे ने बताया कि शोरूम के बेसमेंट में वर्कशॉप है, जबकि बिल्डिंग तीन मंजिला है। बैसमेंट में कर्मचारी रात में आतिशबाजी कर रहे थे। तभी आग फैल गई। अच्छी बात ये रही कि आग की सूचना तुरंत मिल गई। फायर अमला मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया। बावजूद दो एक्टिवा चपेट में आ गई। यदि आग ज्यादा फैलती तो बड़ा नुकसान हो जाता, क्योंकि तीन मंजिलों में बड़ी संख्या में टूव्हीलर रखे थे।
दिवाली की रात 30 से ज्यादा जगहों पर लगी आग
दिवाली की रात आतिशबाजी की वजह से शहर के अलग-अलग इलाकों में 30 से ज्यादा जगहों पर आग लगी। सबसे भीषण आग छोला स्थित मेडिकल वेस्ट गोदाम में लगी थी। इसके अलावा कोलार, जाटखेड़ी, बैरागढ़ समेत अन्य स्थानों पर छोटी-बड़ी आगजनी की घटनाएं हुईं। इनमें से आग लगने की 25 सूचनाएं फायर काल सेंटर में दर्ज हुई, जबकी बाकी जगहों पर आग पर स्थानीय रहवासियों ने ही काबू कर लिया।











