भोपाल । पर्यटन विभाग बड़े तालाब में गंगा विलास क्रूज की तर्ज पर फ्लोटिंग रेस्टोंरेंट का संचालन करने की योजना बना रहा है। इसके लिए करीब चार वर्गफीट का बेस स्ट्रक्चर बनकर तैयार है। अब इसके इंटीरियर का काम शुरू होगा। अधिकारियों का कहना है कि आगामी चार माह में इसे बड़े तालाब में उतार दिया जाएगा।
इधर, पर्यावरणविद सुभाष सी पांडे समेत अन्य लोगो का कहना है कि इससे बड़े तालाब का जल दूषित होगा, वाटर बाडी को नुकसान होगा। ऐसे में इसका संचालन रोकने के लिए कोर्ट में याचिका लगाई गई है।
बता दें कि पहले खानूगांव में बड़े तालाब के किनारे फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का संचालन किया जाना था। लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस क्रूज में फाइव स्टार होटल की तरह सुविधाएं मिलेंगी। इसमें तरह-तरह के कांटिनेंटल फूड, डांस फ्लोर, विशाल स्क्रीन, बच्चों के लिए किड्स जोन व व्यक्तिगत लक्जरी सुइट के साथ अन्य आकर्षक सुविधाएं होंगी।
हालांकि पर्यावरणविदों का मानना है कि बड़े तालाब में इस प्रकार की मोटर क्रूज का संचालन करने से वाटर वाडी को नुकसान होगा। वहीं वाटर एक्ट 1974 में विहित प्रविधानों के अंतर्गत कोई भी मोटरबोट या इस प्रकार की गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकती, जो पानी की गुणवत्ता को प्रदूषित करे।
सरकार के नियमों का भी हो रहा उल्लंघन
मप्र शासन के पर्यावरण विभाग द्वारा जारी 16 मार्च 2023 के आदेश में स्पष्ट निर्देश है कि बड़ा तालाब या वेटलैंड वाटर बाडी में कोई भी मोटर बोट का संचालन प्रतिबंधित है। हालांकि इसके बावजूद पर्यटन विभाग द्वारा नियमों को दरकिनार कर यहां फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का निर्माण किया जा रहा है।











