कूड़े में फेंकी पर्ची में मिला था फिरोज का नंबर,उससे ही पकड़ में आया रोमानियाई नागरिक

कूड़े में फेंकी पर्ची में मिला था फिरोज का नंबर,उससे ही पकड़ में आया रोमानियाई नागरिक

भोपाल। बैंक आफ बडौदा के एटीएम के क्लान तैयार करीब खाता धारकों के 17 लाख रुपये हड़पने रोमानिया नागरिक आयोनेल मियु तक पहुंचता साइबर पुलिस के लिए आसान नहीं था। घटना के सामने आने के बाद पुलिस करीब 20 दिन से ज्यादा समय दिल्ली में गुजारा। पुलिस ने डेढ़ सौ से ज्यादा सीसीटीवी खंगाल डाले थे, इसमें पुलिस को एक कार और आटो का नंबर मिल गया था, लेकिन इन लोगों को उनको जो बुकिंग करने वाला मोबाइल नंबर मिला वह बंद था। साइबर क्राइम पुलिस के पास इतना समय नहीं था कि वह आरोपितों के मोबाइल नंबर की डिटेल आने का इंतजार करते। पुलिस ने उन कार वालों से पूछताछ की, वे उन्‍हें होटल पर ले गए,जहां से आरोपित को उन्‍होंने छोड़ा था। आरोप‍ित फरार हो गए थे,लेकिन उस अपार्टमेंट के पास कूड़े में पुलिस को एक खाली पर्ची मिली। उस पर आरोपित फिरोज का नंबर मिल गया और वह उसके घर तक पहुंच गई।

पुलिस उपायुक्त् श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि रोमानिया नागरिक आयोनेल मियु और ठाणे महाराष्ट्र का रहने वाला फिरोज अहमद को जब अखबारों में भोपाल के बैंक आफ बडाैदा के बारे में पता चला तो वह अलर्ट हो गए थे, वह रोजाना इसके लिए अखबार के साथ टीवी देखने लग गए थे। जैसे कुछ दिन साइबर टीम के दिल्ली पहुंचने की जानकारी उनको हुई तो वह फरार हो गए थे, लेकिन साइबर की टीम के एसआइ रमन शर्मा, प्रधान आरक्षक आदिल्य साहू, तेज राम सेन, प्रताप और सुनील सिलावट की मेहनत थी कि कूड़े ढ़ेर से मिली एक पर्ची से वह आरोपित फिरोज और उसकी पत्नी तक पहुंच गए और मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर पाने में कामयाब हुए। इधर, दोनों आरोपितों को गुरुवार को जेल भेज दिया गया।

डेढ़ लाख रुपये के लालच में फंसा फिरोज

फिरोज को रोमानिया नागरिक आयोनेल मियु ने फिरोज को अपने साथ मिलाने के लिए उसे दो लाख रुपये महीने देने का झांसा देकर अपने साथ मिला लिया था। इस पर फिरोज तैयार हो गया था। उसके लिए शराब ,कोकिन , सिगरेट, शहर में होटल और कार की इंतजाम करना फिरोज का काम था। रोमानिया नागरिक फिरोज के अलावा किसी और से बात नहीं करता था। फिरोज को सब पता था कि इस तरह से रुपये कमाता था, उस पर आनलाइन धोखाधड़ी की वारदात करता हैं।

स्वजनों एक बार आए फिर नहीं आए मिलने

आरोपित आयोनेल मियु के मुंबई में साइबर धोखाधड़ी में गिरफ्तार होने के बाद उसके स्वजन रोमानिया से सिर्फ 2017 में मिलने आए थे, उसके बाद वह दोबारा कभी उससे मिलने नहीं आए, हालांकि वह अपने स्वजनों से लगातार संपर्क में रहता था। वह रोमानिया में अपने दोस्तों से इस प्रकार की जानकारी जुटाता था। उनसे एटीएम के नई जानकारियां लेता था और उनसे नए एटीएम के बारिकियां भी समझता था।



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